कानड़ जिला आगर मालवा से मुकेश बीजापारी की रिपोर्ट
कानड़। नगर में रविवार को भगवान जगदीश की पारंपरिक एवं भव्य रथ यात्रा, धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। अखिल भारतीय चन्द्रवंशी क्षत्रिय खाती समाज के द्वारा रथ में विराजमान भगवान जगन्नाथ नगर में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। भगवान जगदीश, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की आकर्षक मूर्तियाँ रथ में स्थित हैं। पूरे रास्ते में "जय जगदीश" के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक नारो से माहौल भक्तिमय बना रहा।
रथयात्रा का प्रारंभ सुबह 9 बजे बोरखेड़ी रोड स्थित अखिल भारतीय चंद्रवंशी क्षत्रियखाती समाज धर्मशाला में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पुनः धर्मशाला पर जहां इसका समापन हुआ।
यात्रा गोंडीचौराहा चोक, सदर बाजार, दयानंद मार्ग, आर्य समाज मंदिर, नगर परिषद कार्यालय, पुराना बस स्टैंड और नवीन बस स्टैंड सहित विभिन्न प्रमुख । मार्ग में सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारी वरिष्ठ जनों ने पुष्पवर्षा का स्वागत किया। कई स्थानों पर साफ़ा परिधानकर एवं शीतल पेय और प्रसादी सम्मान किया गया।
रथ यात्रा में समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान जगदीश की आरती उतारी और परिवार एवं नगर की सुख-समृद्धि की कामना की। हाथों में केसरिया ध्वज के लिए युवा पूरे उत्साह के साथ जयघोष करते हुए चल रहे थे। बैंड-बाज़ों और भजन मंडलियों की मधुर प्रस्तुतियाँ अंतिम भक्ति में साराबोर नृत्त्य करती रहीं। रथ के आगे चल रही यात्रा की शोभा बढ़ाई जा रही थी।
रथयात्रा के समापन पर समाज के धर्मशाला में विशाल भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। यात्रा के साथ-साथ पीछे-पीछे प्रसादी में भात का वितरण भी किया जा रहा था। यात्र के दौरान पुलिस प्रशासन टीआई आर के दांगी पुलिस बल के साथ व्यवस्था पर नजर रख रहे थे।
संस्था समिति ने सभी समाजजनों, व्यापारियों, प्रशासन एवं सहयोग करने वाले नागरिकों का सहयोग करते हुए कहा कि भगवान जगदीश की रथयात्रा नगर की धार्मिक परंपरा, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। पूरे कार्यक्रम के दौरान नगर में गहन उत्साह और आस्था देखने को मिली।