3.5 क्विंटल डोडाचूरा की तस्करी करने वाले एक आरोपी को 20 वर्ष तथा एक आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं क्रमशः 02 लाख व 01 लाख रू. का जुर्माना

Neemuch 15-04-2019 Regional

जावद। विशेष न्यायाधीश एन.डी.पी.एस. एक्ट जावद के विशेष न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसौदिया द्वारा 02 आरोपियो को टाटा वाहन से 3.5 क्विंटल अवैध डोडाचूरा की तस्करी करने के आरोप में एक आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास व 02 लाख रूपयें जुर्माना तथा 01 आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 01 लाख रू. से दण्डित किया। अभियोजन मीड़िया सेल प्रभारी एडीपीओं रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 06.06.2014 को पुलिस जावद को मुखबीर सूचना प्राप्त हुई की एक टाटा वाहन क्रमांक आर. जे. 27 यु.ए. 5600 से दों व्यक्ति अवैध रूप से डोडाचूरा नीमच-नयागॉव हाईवे से कानका तिराहा होते हुए राजस्थान की तरफ जाने वाले है। पुलिस जावद मुखबीर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुची तो उक्त वाहन आता हुआ दिखा, जिसकों रोकनें पर उसमें दो व्यक्ति बैठे हुए थे, जिनकें कब्जे से वाहन में कुल 03 क्विंटन 48 किलो ग्राम अवैध रूप से रखा हुआ जप्त किया। दोनों आरोपीयों को मौके से गिरफ्तार कर उनके विरूद्व पुलिस थाना जावद में अपराध क्रमांक 228/14, धारा 8/15, 25 एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत पंजीबद्व कर विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।  श्री अरविंद शर्मा, एजीपी द्वारा न्यायालय में जप्तीकर्ता अधिकारी, पंचसाक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अवैध डोडाचूरा की तस्करी ले जाने के अपराध को प्रमाणित कराकर, आरोपीगण को कठोर दंड से दण्डित किये जाने का अनुरोध किया गया। श्री नीतिराज सिंह सिसौदिया, विशेष न्यायाधीश एन.डी.पी.एस. एक्ट जावद द्वारा आरापी (1) नाहरसिंह पिता बंशीलाल बंजारा, उम्र-20 वर्ष, निवासी ग्राम गणेशपुरा, थाना भींडर, जिला उदयपुर (राजस्थान) को धारा 8/15(सी) व धारा 25 एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 01-01 लाख रूपये के अर्थदण्ड, इस प्रकार कुल 20 वर्ष के सश्रम कारावास व 02 लाख रूपये जुर्माने सें दण्डित किया तथा (2) भेरूलाल पिता हिरालाल मीणा, उम्र-26 वर्ष, निवासी ग्राम गणेशपुरा, थाना भींडर, जिला उदयपुर (राजस्थान) को धारा 8/15(सी) एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 01 लाख रूपये के अर्थदण्ड के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर स पैरवी श्री अरविंद शर्मा ए.जी.पी. द्वारा की गई।