जबलपुर
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में सोमवार को एक बेहद सनसनीखेज और विचित्र घटना सामने आई, जिसने कोर्ट परिसर में हड़कंप मचा दिया। रीवा जिले के बैकुंठपुर तहसील के नदना गांव निवासी दयाशंकर पांडे सुनवाई के दौरान 4 माह का मृत भ्रूण लेकर कोर्ट रूम पहुंच गए और उसे सबूत के तौर पर पेश कर दिया। घटना न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ में सुनवाई के दौरान हुई।
जानकारी के अनुसार दयाशंकर पांडे अपनी याचिका की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। वे गेट नंबर 6 से बैग लेकर कोर्ट परिसर में दाखिल हुए। सुरक्षा जांच के दौरान उनके बैग में पॉलिथीन में लिपटा हुआ भ्रूण मिला, जिसके बावजूद वे कोर्ट रूम तक पहुंच गए। सुनवाई के दौरान अचानक उन्होंने पॉलिथीन में रखा भ्रूण बाहर निकालकर जज के सामने पेश कर दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि जज साहब पुलिस मेरी नहीं सुन रही।
इस अप्रत्याशित घटना से कोर्ट रूम में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा में तैनात एसएएफ जवानों ने तुरंत पॉलिथीन को कब्जे में लिया और पूरे क्षेत्र को खाली कराकर सैनिटाइज कराया।
दयाशंकर पांडे का आरोप है कि 1 मार्च 2026 को रीवा में हुई एक सड़क दुर्घटना में उनकी गर्भवती पत्नी घायल हो गई थी, जिसके बाद 8 मार्च को उसका गर्भपात हो गया। उनका कहना है कि इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और मामले की गंभीरता बताने के लिए भ्रूण को सबूत के रूप में लेकर पहुंचे।
घटना के बाद पुलिस ने दयाशंकर पांडे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद भ्रूण को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि उसकी पुष्टि और अन्य तथ्यों की जांच की जा सके।
इस घटना के बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं कि इतनी संवेदनशील वस्तु सुरक्षा जांच के बावजूद कोर्ट रूम तक कैसे पहुंच गई। मामले की जांच जारी है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत