"हरियाली से ही सुरक्षित होगा भविष्य" — थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया
रतलाम / सरवन
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रतलाम जिले के सरवन थाना परिसर में पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश देते हुए थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के नेतृत्व में संपूर्ण थाना बल द्वारा व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया तथा आमजन को भी पर्यावरण बचाने के लिए आगे आने का संदेश दिया।
पौधारोपण का नेतृत्व कर रहे थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण देने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सरवन थाना केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर उपनिरीक्षक गेंदालाल भूरिया ने कहा कि एक पौधा लगाना प्रकृति के प्रति हमारी सच्ची सेवा है। यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में एक पौधा भी लगाए और उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
उपनिरीक्षक किशनलाल रजक ने कहा कि हरियाली बढ़ाना ही आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत है। पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला जन अभियान होना चाहिए।
पौधारोपण कार्यक्रम में सहायक उपनिरीक्षक काशीराम अलावे, प्रधान आरक्षक दलसिंह सिसोदिया, विजय सिंह शेखावत, रमाकांत, कृपाशंकर, सूर्यपाल सिंह पंवार, आरक्षक दुबेसिंह, विजय मंडलोई, पंकज शर्मा, हिम्मत सिंह, गजपाल सिंह,विमल निनामा,सादिक मंसूरी, महिला आरक्षक नेहा, तुलसी राठौर, सहित डायल-112 के पायलट बहादुर एवं शंकर ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर सरवन थाना परिवार की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस विभाग की सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण का यह संदेश आमजन के लिए भी प्रेरणास्रोत बना। सरवन थाना द्वारा किया गया यह सामूहिक पौधारोपण अभियान न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि यह भी साबित कर गया कि पुलिस समाज के हर सकारात्मक अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सदैव तत्पर है।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत