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मंदसौर। डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी जिला मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर संजीत कस्बा क्षेत्र के ग्राम गरनाई के लोग आज भी मोबाइल नेटवर्क को तरस रहे हैं। गाँव में मोबाइल टावर नहीं होने के कारण ग्रामीणों को सामान्य कॉलिंग से लेकर इंटरनेट चलाने तक के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया गरनाई से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर निजी कंपनी का मोबाइल टावर लगे हुए है। लेकिन इन टावर की रेंज बेहद कम होने के कारण गाँव तक नेटवर्क ठीक से नहीं पहुँच पाता। स्थिति दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है। मोबाइल पर बात करने के लिए लोगों को घरों की छतों या ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा आपातकालीन समय में होती है। यदि अचानक किसी की तबीयत खराब हो जाए या कोई अन्य दुर्घटना हो जाए, तो सूचना देने के लिए भी नेटवर्क नहीं मिलता। ऐसे समय में ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। डिजिटल पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को भी इंटरनेट न चलने से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने की टावर लगाने की मांग- गाँव की इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण अब लामबंद होने लगे हैं। ग्रामीण कैलाश दास बैरागी, हेमंत शर्मा, भूपेंद्र सिंह चंद्रावत, जय शर्मा, श्यामलाल विश्वकर्मा, धर्मेंद्र धनगर एवं नेपाल धनगर सहित अन्य नागरिकों ने जिला प्रशासन, दूरसंचार विभाग और निजी मोबाइल कंपनियों के उच्च अधिकारियों से इस ओर ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग: गरनाई गांव में ही एक नया मोबाइल टावर स्थापित किया जाए। अथवा 2 किलोमीटर दूर स्थित मौजूदा निजी टावर की क्षमता (रेंज) को बढ़ाया जाए ताकि गांव तक सुचारू नेटवर्क मिल सके। रिपोर्ट : कमलेश जी शर्मा |