सैलाना (रतलाम)। वनवासी कल्याण परिषद जिला रतलाम द्वारा संचालित श्री वाल्मीकि वनवासी आश्रम, सैलाना में महान क्रांतिकारी, जननायक एवं आदिवासी समाज के गौरव भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि को हार्दिक श्रद्धा एवं गहरे सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके संघर्षमय जीवन, अटूट राष्ट्रभक्ति, वनवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए दिए गए अमर बलिदान को भावुकता के साथ याद किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पुष्प अर्पण से हुई। उपस्थित जनों ने बिरसा मुंडा के आदर्शों को नमन करते हुए कहा कि वे आदिवासी समाज के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ उलगुलान (विद्रोह) का नेतृत्व कर पूरे देश को प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा बिरसा मुंडा ने वनवासी समाज के भूमि अधिकार धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका जीवन आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का अनंत स्रोत है।
प्रांत छात्रावास प्रमुख चन्दर मईड़ा ने अपने संबोधन में बिरसा मुंडा के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि आज के समय में भी उनके सिद्धांत समाज को एकजुट रखने में मददगार साबित हो रहे हैं।
जिला अध्यक्ष डॉ. रूपचंद मईड़ा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा बिरसा मुंडा के बलिदान को याद करते हुए हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए और समाज तथा राष्ट्र के हित में निरंतर कार्य करना चाहिए।
आश्रम पालक इन्द्रेश चंडालिया ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त किया और आश्रम में रहने वाले बच्चों एवं युवाओं को बिरसा मुंडा के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने की प्रेरणा दी।
आश्रम व्यवस्था प्रमुख अपूर्व नाहटा ने व्यवस्था की सराहना करते हुए सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
इसके अलावा जिला हित रक्षा प्रमुख शिव मुनिया आश्रम समिति टोली सदस्य हरीश सिलावट, राधेश्याम भाभर सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी उपस्थित होकर कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
सभी ने संकल्प लिया कि बिरसा मुंडा के दिखाए मार्ग पर चलते हुए वनवासी समाज की उन्नति शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समापन अवसर पर राष्ट्र एवं समाज की समृद्धि, शांति तथा उन्नति की कामना की गई। इस भावपूर्ण आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिरसा मुंडा का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनकी याद आज भी हजारों कार्यकर्ताओं और युवाओं को देशसेवा और समाजसेवा के लिए प्रेरित करती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत