रतलाम। प्रदेशभर में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ अब आंदोलन के मैदान में उतरने जा रहा है। प्रांतीय निकाय के आह्वान पर 18 अगस्त 2026 को तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ जिला शाखा रतलाम द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में भोजन अवकाश के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश रतलाम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हीं मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया है। रतलाम में भी कर्मचारी बड़ी संख्या में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत 1 जनवरी 2026 से प्रदान करना शामिल है। इसके साथ ही नवनियुक्त कर्मचारियों पर लागू तीन वर्ष के 70 प्रतिशत 80 प्रतिशत और 90 प्रतिशत वेतन संबंधी बंधन को समाप्त करने की मांग की जा रही है। संघ ने अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने तथा सभी कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की भी मांग उठाई है।
कर्मचारियों का कहना है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त की जाए तथा जनजातीय कार्य विभाग के कर्मचारियों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ दिया जाए। इसके अलावा वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने, सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने तथा आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रथम नियुक्ति दिनांक को सही किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी जाएगी।
वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी की बाध्यता खत्म करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रहेगी। कर्मचारी संघ का कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध कर्मचारियों के वेतनमान सेवा शर्तों भविष्य की सुरक्षा और सम्मान से है। इसलिए सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ जिला शाखा रतलाम ने सभी कर्मचारियों से 18 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन कर्मचारियों की एकजुटता और लंबित अधिकारों की आवाज को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान जिला अध्यक्ष बृजलाल बोरिया के साथ तेजपाल सिंह राणावत, दिनेश बारोठ, कमलेश पापरीवाल, महेंद्र मांदलिया, नटवरलाल मईड़ा, मिथिलेश मिश्रा, बसंती लाल मईड़ा, भंवरलाल देवड़ा, रामलाल भाभर, रमेश चंद्र मईड़ा, जगदीश सूर्यवंशी, सुकेश राय, गौतम सिंह रावत, कन्हैया लाल किहोरी, नानूराम देवड़ा, नागुलाल निनामा, अशोक श्रीवास्तव, अजय चावला, गोपाल टांक, लक्ष्मण गुजरती, भेरूसिंह मुनिया और भेरूलाल गुजरती सहित अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया है।
18 अगस्त का प्रदर्शन अब कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान खींचने वाला महत्वपूर्ण आंदोलन माना जा रहा है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत