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गरोठ। देवों के देव भगवान भोलेनाथ को समर्पित पवित्र सावन मास के तृतीय सोमवार को गरोठ की नई आबादी स्थित अति प्राचीन एवं चमत्कारी श्री गुप्तेश्वर महादेव मंदिर से मलकाना महादेव मंदिर तक विशाल बोल बम कांवड़ यात्रा निकाली गई। बोल बम कांवड़ यात्रा समिति के तत्वावधान में आयोजित यात्रा का शुभारंभ सुबह 8:15 बजे भगवान गुप्तेश्वर महादेव की विशेष पूजा-अर्चना के बाद हुआ। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कांवड़ यात्रा शाम करीब 5:30 बजे मलकाना महादेव मंदिर पहुंची। लगभग 21 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठा तथा वातावरण भक्तिमय हो गया। राजाधिराज भगवान श्री महाकाल की भव्य पालकी डीजे और ढोल-ढमाकों के साथ नगर भ्रमण पर निकली। पालकी को भुजाओं पर उठाए भक्तों की टोली, ट्रॉली पर भगवान का रूप धरे कलाकार तथा अघोरी वेश में नृत्य करते शिवभक्त आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा के गरोठ से मलकाना की ओर बढ़ने के दौरान विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संस्थाओं तथा नागरिकों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर पुष्पवर्षा के साथ कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पेयजल और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। जांगिड़ ब्राह्मण समाज की ओर से प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी खड़ावदा रोड पर शुद्ध मूंगफली तेल से निर्मित साबूदाने की खिचड़ी वितरित की गई। पंचशील एकेडमी विद्यालय परिवार की ओर से शीतल नमकीन खट्टी छाछ की व्यवस्था की गई। वहीं एलआईसी अभिकर्ता महेश मादलिया परिवार की ओर से खड़ावदा रोड पर केले वितरित किए गए। नगर में भी अनेक स्थानों पर केले और शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई। रास्ते भर हुआ स्वागत और सेवा कांवड़ यात्रा पिपलिया जती, बरखेड़ा गंगासा, बारहमासी और खड़ावदा होते हुए मलकाना पहुंची। यात्रा मार्ग में विभिन्न गांवों और चौराहों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा और आरती उतारकर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। खड़ावदा ग्राम के नागरिकों की ओर से प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। बरखेड़ा गंगासा में ग्रामवासियों की ओर से शीतल पेयजल, ठंडाई और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। खड़ावदा में भी भव्य स्वागत के बाद यात्रा आगे बढ़ी। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी जगह-जगह पेयजल और प्रसादी का वितरण किया। 1 किलो से 1 क्विंटल 11 किलो तक की कांवड़ कांवड़ यात्रा में कांवड़ के अलग-अलग वजन ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। भक्त 1 किलो से लेकर 1 क्विंटल 11 किलो तक की जल कांवड़ लेकर पैदल चले। एक श्रद्धालु 111 किलो की विशाल कांवड़ लेकर बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ मलकाना पहुंचा, जिसका अन्य श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ स्वागत किया। मलकाना में महाअभिषेक और महाभंडारा मलकाना महादेव मंदिर पहुंचने के बाद सभी कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और महाआरती की। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग किया गया। शिव, सोमवार और सावन का अद्भुत संगम कांवड़ यात्रा में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। श्रद्धालु डीजे और ढोल की थाप पर नृत्य करते हुए तथा हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। गरोठ से मलकाना महादेव तक करीब 21 किलोमीटर की पूरी यात्रा के दौरान भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पूरे मार्ग में बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। विनोद धाकड़ की रिपोर्ट। |