रतलाम / सरवन। आदिवासी अंचल में वर्षों से चली आ रही भांजगेड़ा प्रथा के कथित दुरुपयोग और इसके नाम पर होने वाले अवैध लेन-देन को लेकर रतलाम पुलिस ने अब सख्त रुख अपनाया है। सरवन थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया की सक्रिय निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के चलते भांजगेड़ा प्रथा के नाम पर हुए आर्थिक लेन-देन का मामला सामने आया और पुलिस ने ₹39 हजार की राशि जब्त करने में सफलता हासिल की।
गंभीर प्रकरण में थाना प्रभारी सेमलिया ने मामले की जांच को केवल मुख्य अपराध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन और भांजगेड़ा में शामिल लोगों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को आदिवासी क्षेत्र में इस प्रथा के नाम पर होने वाली कथित वसूली और दबाव की व्यवस्था पर बड़ा शिकंजा माना जा रहा है।
मामला थाना सरवन क्षेत्र के बल्लीखेड़ा कला और भाटभमरिया राजस्थान से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार नाबालिग पीड़िता के पिता मानसिंह मईड़ा निवासी बल्लीखेड़ा कला ने थाना सरवन में सूचना दी थी कि 19 अप्रैल 2026 को आरोपी ईश्वर पिता नरपत मईड़ा निवासी भाटभमरिया राजस्थान नाबालिग को जबरदस्ती उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
सूचना के आधार पर थाना सरवन में 2 जून 2026 को अपराध क्रमांक 199/2026 धारा 137(2), 64(1), 65(1) बीएनएस तथा धारा 5L/6 पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने मामले में आरोपी ईश्वर पिता नरपत मईड़ा को 26 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र क्रमांक 207 दिनांक 29 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया।
विवेचना के दौरान आरोपी ईश्वर के पिता नरपत पिता बाबजी मईड़ा निवासी भाटभमरिया द्वारा 25 अप्रैल 2026 का एक हस्तलिखित इकरारनामा प्रस्तुत किया गया। पुलिस के अनुसार इस दस्तावेज में नाबालिग पीड़िता के साथ छेड़छाड़ का उल्लेख किया गया था और इसी दौरान पीड़ित पक्ष द्वारा आरोपी पक्ष से भांजगेड़ा के नाम पर ₹40 हजार लिए जाने की बात सामने आई।
इस मामले में पुलिस ने पीड़ित पक्ष के पिता मानसिंह के विरुद्ध भी 25 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 285/2026 धारा 296(B), 351(3), 316(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी कार्रवाई के क्रम में 8 सितंबर 2026 को पुलिस ने भांजगेड़ा के तहत लिए गए ₹39 हजार जब्त कर लिए। पुलिस के अनुसार यह राशि आरोपी सुनीता और उसके पति मानसिंह मईड़ा निवासी बल्लीखेड़ा कला से बरामद की गई है।
अब भांजगेड़ा में शामिल अन्य लोगों की भी होगी जांच
सरवन पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही साफ संकेत दिया है कि मामला केवल ₹39 हजार की जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा।
पुलिस अब भांजगेड़ा में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। क्षेत्र में इस प्रथा के नाम पर होने वाले लेन-देन और ऐसे मामलों में कथित रूप से शामिल व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि भांजगेड़ा के नाम पर यदि किसी प्रकार का अवैध लेन-देन या अपराध सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। आदिवासी क्षेत्र में प्रचलित सामाजिक परंपराओं का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन किसी प्रथा की आड़ में अपराध, दबाव, वसूली अथवा अवैध आर्थिक लेन-देन को कानून की नजर से नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
सरवन क्षेत्र सहित रतलाम जिले के आदिवासी अंचल में भांजगेड़ा प्रथा को लेकर पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक परंपराओं के नाम पर होने वाले लेन-देन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा पहली बार इस तरह के मामले में राशि की जब्ती के साथ-साथ इस प्रथा में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाने की बात कही गई है।
इस कार्रवाई से साफ है कि पुलिस अब ऐसे मामलों में केवल मुख्य घटना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि घटना के बाद होने वाले कथित समझौते, आर्थिक लेन-देन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर भी नजर रखेगी।
रतलाम पुलिस की यह कार्रवाई पूरे आदिवासी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है कि सामाजिक परंपरा के नाम पर किसी भी तरह के अवैध आर्थिक लेन-देन अथवा अपराध को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ने के साथ भांजगेड़ा प्रथा के नाम पर सक्रिय अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, सउनि काशीराम अलावा, प्रधान आरक्षक संजय आंजना, प्रधान आरक्षक हिम्मतसिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश, प्रधान आरक्षक विजय, प्रधान आरक्षक विमल, आरक्षक गजपाल, आरक्षक नितेश सहित थाना सरवन पुलिस स्टाफ एवं साइबर टीम का विशेष योगदान रहा।
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया नें बताया की भांजगेड़ा प्रथा की आड़ में किसी भी तरह का अवैध लेन-देन या अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रकरण में ₹39 हजार की राशि जब्त की गई है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पेठ्रो के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने सरवन क्षेत्र में भांजगेड़ा प्रथा के नाम पर होने वाले कथित अवैध लेन-देन को लेकर पुलिस के सख्त रुख को सामने ला दिया है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत