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आगर मालवा। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) ने नलखेड़ा तहसील के ग्राम फेंटी की श्रीमती अनीता पाटीदार के जीवन में नई आर्थिक संभावनाओं के द्वार खोले हैं। योजना का लाभ लेकर उन्होंने आटा मिल की स्थापना की और आज यह इकाई सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। श्रीमती अनीता पाटीदार, पति श्री अनिल पाटीदार ने 30 लाख रुपये की लागत से आटा मिल इकाई स्थापित की। योजना के अंतर्गत इकाई लागत का 35 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। हर घंटे 6 क्विंटल गेहूं की पिसाई अनीता पाटीदार की आटा मिल में प्रतिघंटा लगभग 6 क्विंटल गेहूं की पिसाई की जाती है। गेहूं बाजार से करीब 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाता है, जबकि प्रोसेसिंग में लगभग 300 रुपये प्रति क्विंटल की लागत आती है। इस प्रकार कुल लागत लगभग 2,900 रुपये प्रति क्विंटल होती है। तैयार आटा नलखेड़ा सहित अन्य बाजारों में लगभग 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से विक्रय किया जाता है। इस प्रकार प्रति क्विंटल करीब 200 रुपये का लाभ प्राप्त होता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इससे हितग्राही को प्रतिमाह लगभग 2.88 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हो रहा है। एक इकाई ने कई परिवारों को दिया रोजगार अनीता पाटीदार की आटा मिल केवल उनके लिए आय का साधन नहीं बनी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का माध्यम भी बनी है। इकाई में 5 मजदूर प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं। वहीं मार्केटिंग, कच्चे माल की व्यवस्था और अन्य गतिविधियों से जुड़े करीब 10 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। इस तरह एक छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यम ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। अनीता पाटीदार का संदेश अनीता पाटीदार का कहना है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से उन्हें आटा मिल स्थापित करने का अवसर मिला। विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सब्सिडी ने व्यवसाय शुरू करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। आज उनकी आटा मिल सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ के साथ स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जिला प्रशासन आगर मालवा के प्रति आभार व्यक्त किया। यह सफलता कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ और मेहनत साथ मिल जाए तो ग्रामीण क्षेत्र में भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है। |