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चीताखेडा । दस दिवसीय गणेशोत्सव शुक्रवार को अंतिम दिवस गोरी पुत्र विग्नहर्ता गणपति बप्पा की आराधना के साथ शुक्रवार को सुबह कुछ स्थानों से विदाई लेकर लोटें अपने धाम तो कुछ स्थानों से कल शनिवार को बप्पा लोटेंगे अपने धाम। अंचल के बड़े आयोजनों के साथ लोकप्रियता के नये आयाम स्थापित करता माली समाज द्वारा सँचालित 45 वां श्री शिव गणेशोत्सव महोत्सव अपने और अनुठे स्वरूप के लिए अंचल के साथ गांव में भी अलग पहचान रखता हैं।आयोजन हो या देखने वालों का स्तर हो,इस तरह से आयोजन कि प्रसंशा दूर-दूर तक होती हैं।आयोजन का स्वरूप और व्यवस्थाएं उच्च-स्तरीय की होने के साथ-साथ अनुशासित भी देखने को मिला। गांव के विभिन्न स्थानों से गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आना जयघोष के साथ अल सुबह से ही गणेशोत्सव समितियों का रुख विसर्जन स्थलों की ओर किए हुए थे। ढोल-ढमाकों के साथ गुलाल उड़ाते नाचते झुमते हुए गणपति बप्पा को विसर्जन स्थलों पर ले जाया गया जहां आरती के पश्चात् बप्पा को विसर्जन कर विदा किया। समाजसेवी माली समाज अध्यक्ष पटेल गोपाल माली कहते है कि माली समाज द्वारा शिव मंदिर पर आयोजित 10 दिवसीय गणेशोत्सव कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से मनाया गया है। शनिवार को प्रातः 8 बजे गणपति बप्पा विसर्जन समारोह कल शनिवार को किया जाएगा। इसका पुरा श्रेय आयोजन समिति के साथ समाजजनों एवं ग्रामीणों को देते हुए कहा कि इनकी उपस्थिति कि उर्जा हर बार आयोजन में कुछ नया करने का बल देती हैं।आयोजन को बेहतर बनाने के लिए दिन रात अपने साथियों के साथ मेहनत करते युवा, माली समाज पटेल गोपाल माली कहते है कि इस आयोजन में हमेशा बेहतर से बेहतर करने का प्रयास किया जाता है ताकि सब कुछ अपना सा होने के साथ श्रेष्ठ हो।हर दल कि अपनी शौच कुछ अलग करने का प्रयासों में उपस्थित जनसमुदाय को अपनी और आकर्षित किया ही हैं साथ ही थिरकने पर भी मजबूर कर दिया हैं।आज शनिवार को गणपति बप्पा गांव के विभिन्न मार्गों से पुरे ठाठ के साथ अनुशासित के रुप में ढोल ढमाकों के साथ परिभ्रमण करते हुए विसर्जन हेतु जलाशय पर पहुंचेंगे।जहां विशेष पुजा आरती के बाद बप्पा अपने धाम लोटेंगे। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |