रतलाम/रावटी। दीपावली के त्योहार पर आतिशबाजी की खरीदारी के बीच रावटी में रहवासी क्षेत्र के अंदर अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सिंचाई कॉलोनी स्थित एक दुकान पर दबिश देकर करीब 3 लाख रुपये कीमत की आतिशबाजी सामग्री जब्त की है। हैरानी की बात यह है कि दुकान में बिना वैध लाइसेंस के पटाखों के 46 कार्टून रखे हुए थे। इनमें अनार, फुलझड़ियां, टिकड़ियां, सुतली बम, लहसुन टिकड़ी, रॉकेट सहित विभिन्न प्रकार की विस्फोटक आतिशबाजी सामग्री शामिल थी।
त्योहारी सीजन में रहवासी इलाकों में इस तरह पटाखों का भंडारण आमजन की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि किसी कारणवश दुकान में आग लगने या विस्फोट जैसी घटना होती तो आसपास रहने वाले परिवारों की जान-माल को बड़ा खतरा हो सकता था। इसी आशंका को देखते हुए रावटी पुलिस ने सूचना मिलते ही कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में 31 अक्टूबर 2026 को रावटी थाना पुलिस क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान नायन रोड पर मुखबिर से सूचना मिली कि सिंचाई कॉलोनी स्थित विनोद गांधी की दुकान में बिना लाइसेंस के बड़ी मात्रा में पटाखे जमा किए गए हैं। सूचना पर थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम पंचों को साथ लेकर मौके पर पहुंची और दुकान की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान दुकान के अंदर 46 कार्टून में भरी अलग-अलग प्रकार की आतिशबाजी सामग्री मिली। दुकान संचालक विनोद पिता चंदनलाल गांधी उम्र 44 वर्ष निवासी नायन से पुलिस ने आतिशबाजी सामग्री के लाइसेंस के संबंध में पूछताछ की तो उसने लाइसेंस नहीं होना बताया। इसके बाद पुलिस ने पूरी सामग्री जब्त कर थाने पहुंचाई। जब्त पटाखों की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में विनोद गांधी ने पुलिस को बताया कि उसने दुकान विकास पिता अशोक मेहता निवासी रावटी को किराये पर दे रखी थी। पुलिस ने मामले में विनोद गांधी और विकास मेहता दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 तथा विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 9(ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। विनोद गांधी को जमानती अपराध होने के कारण भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर नियत तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होने के लिए पाबंद किया गया है।
पुलिस ने जब्त आतिशबाजी सामग्री को सुरक्षा की दृष्टि से थाना परिसर में रखवाकर मालखाने में जमा कराया है। मामले में आगे की जांच जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष डावर, उपनिरीक्षक मोहम्मद इरफान खान, आरक्षक अवधेश परमार, बहादुर डांगी, प्रेम कटारा सहित पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
अब इस कार्रवाई के बाद रहवासी क्षेत्रों में आतिशबाजी सामग्री के अवैध भंडारण और बिना लाइसेंस कारोबार पर निगरानी की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है। त्योहार के दौरान आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे मामलों में प्रशासन की सतर्कता बेहद जरूरी है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत