रतलाम / सैलाना
रीवा में पैदल विहार कर रही जैन साध्वियों के साथ हुए दर्दनाक सड़क हादसे को लेकर सैलाना का सकल जैन समाज एकजुट होकर सैलाना थाने पहुंचा, जहां समाजजनों ने तहसीलदार कुलभूषण शर्मा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने एवं प्रदेशभर में पैदल विहार करने वाले संतों के लिए “संत सुरक्षा नीति” लागू करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई 2026 को रीवा कलेक्ट्रेट के सामने पैदल विहार कर रही पूज्य आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं पूज्य आर्यिका उपशममति माताजी को तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों साध्वियों का असामयिक समाधिमरण हो गया, जबकि एक अन्य साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने पूरे जैन समाज सहित संस्कृति प्रेमी नागरिकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सैलाना थाने पर बड़ी संख्या में पहुंचे जैन समाज के लोगों ने घटना के प्रति गहरा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। समाजजनों ने कहा कि संतों की सुरक्षा केवल जैन समाज का नहीं बल्कि पूरे समाज और संस्कृति की रक्षा का विषय है। ज्ञापन सौंपते समय “संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करो” और “दोषियों को कठोर सजा दो” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
समाज ने ज्ञापन में कहा कि जैन संत अहिंसा और तपस्या के मार्ग पर नंगे पैर विहार करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी बनती है। हालिया सीसीटीवी फुटेज और घटनाक्रम को देखते हुए समाज ने आशंका जताई कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गहरी साजिश का विषय भी हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
सकल जैन समाज ने मांग की कि प्रदेश में संत सुरक्षा नीति बनाई जाए, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं मुख्य मार्गों पर संतों के विहार के दौरान पुलिस सुरक्षा, एस्कॉर्ट वाहन, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड एवं गति सीमा जैसे पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा रीवा घटना में SIT गठन के निर्देश दिए जाने पर आभार भी व्यक्त किया। ज्ञापन सौंपने में श्री दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष मनीष ग्वालियर, श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ अध्यक्ष सुरेंद्र मेहता, वर्धमान स्थानकवासी श्रावक संघ अध्यक्ष राजेश सियार, श्री सुधर्म जैन श्रावक संघ अध्यक्ष विजय दोषी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत