झाबुआ सीट से 2023 में आजमाई थी किस्मत, अब पुलिस रिमांड पर खोल रहे राज
तालाब किनारे पानी पी रहे मवेशी किए थे पार, एक भैंस बरामद, दूसरी की तलाश जारी
राजनीति के गलियारों में जब किसी का दांव उल्टा पड़ता है, तो मुहावरा चल पड़ता है कि गई भैंस पानी में...
लेकिन झाबुआ में एक पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने इस मुहावरे को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले लिया।
चुनावी मैदान में किस्मत आजमाने के बाद, नेताजी ने सीधे दूसरों के तबेले से भैंस ही खोलना शुरू कर दिया। मामला झाबुआ कोतवाली क्षेत्र का है, जहां मवेशी चोरी के आरोप में पकड़ा गया शातिर चोर कोई छुटभैया अपराधी नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय पार्टी (बसपा) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुका मुख्यधारा का नेता है।
ससुराल को ही बना डाला निशाना
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में झाबुआ सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी रहे बालूसिंह को पुलिस ने भैंस चोरी के आरोप में रंगेहाथों दबोचा है। इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू यह है कि नेताजी ने चोरी के लिए जिस बावड़ी माफी गांव को अपना निशाना बनाया, वह कोई अनजान जगह नहीं बल्कि उनका खुद का ससुराल है। तालाब किनारे पानी पी रहे मवेशियों को उड़ाने वाले बालूसिंह की इस हरकत से उनके ससुराल पक्ष के साथ-साथ पूरी राजनीतिक बिरादरी सख्ते में है।
एक भैंस बरामद, दूसरी की तलाश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी बालूसिंह के कब्जे से फिलहाल दो भैंस चोरी होने की बात पुख्ता हुई है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक छोटी भैंस (पड़िया) को सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि दूसरी भैंस को आरोपी पहले ही कहीं ठिकाने लगा (बेच) चुका है। पुलिस अब उस खरीदार की भी तलाश कर रही है जिसने नेताजी से चोरी का मवेशी खरीदा था।
शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। माननीय न्यायालय से आरोपी की पुलिस रिमांड मिल गई है। उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है कि उसने चोरी के बाकी मवेशी कहां और किसे बेचे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही क्षेत्र में हुई अन्य मवेशी चोरियों का भी बड़ा खुलासा होगा।
— आर. सी. भास्करे, टीआई, कोतवाली (झाबुआ)
चर्चाओं का बाजार गर्म: वोट मांगने वाले अब मांग रहे माफी
विधानसभा चुनाव के दौरान जो बालूसिंह जनता के बीच जाकर विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे और हाथ जोड़कर वोट मांग रहे थे, आज वही नेताजी पुलिस की गिरफ्त में सिर झुकाए खड़े हैं। क्षेत्र में यह घटना आग की तरह फैल चुकी है और लोग चटखारे लेकर कह रहे हैं कि चुनाव में डूबी रकम की भरपाई के लिए नेताजी ने शॉर्टकट तो अपनाया, लेकिन ससुराल वालों की नजरों से नहीं बच पाए। फिलहाल पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है।