रतलाम / बाजना। रतलाम जिले में कलेक्टर मिशा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशानुसार रतलाम जिले के सभी तहसील एवं थाना क्षेत्रों में बारिश के मौसम के दौरान भूमि विवादों, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तथा कब्जे से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से पुलिस और राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशेष जनसुनवाई शिविरों का आयोजन किया गया । इसी क्रम में शनिवार को बाजना थाना परिसर में विशेष शिविर आयोजित किया गया जिस में दुर दराज से आए ग्रामीण के किसान भी उपस्थित रहें |
शिविर में तहसीलदार मनीष जैन, थाना प्रभारी रविंद्र दण्डोतिया, कस्बा पटवारी, थाना बल एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रही।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। लोगों के उत्साह और विश्वास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में करीब 85 आवेदन प्राप्त हुए।
तहसीलदार मनीष जैन ने बताया कि बारिश के मौसम में खेतों की सीमाओं, कब्जे, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तथा अन्य राजस्व विवादों से जुड़े आवेदन तहसील और थाना स्तर पर लगातार प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त जनसुनवाई शिविर शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि कुछ प्रकरणों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम संबंधित स्थल पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रही है। जिन मामलों में विस्तृत जांच आवश्यक है, उनमें आवेदन संबंधित पटवारी एवं पुलिस बीट अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं थाना प्रभारी रविंद्र दण्डोतिया ने कहा कि पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य विवादों को समय रहते शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना है ताकि छोटे-छोटे भूमि विवाद कानून-व्यवस्था की समस्या का रूप न लें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी विवाद की स्थिति में स्वयं निर्णय लेने या तनाव बढ़ाने के बजाय प्रशासन और पुलिस के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करें, जिससे निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
तहसीलदार मनीष जैन ने जानकारी दी कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है। बारिश के पूरे मौसम, बुवाई से लेकर फसल कटाई तक ऐसे संयुक्त जनसुनवाई शिविर निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके तथा भूमि विवादों को बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।
इस संयुक्त पहल से क्षेत्र के लोगों में सकारात्मक संदेश गया है और पुलिस-प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसे शिविर ग्रामीणों और किसानों के लिए राहत का प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं।
रिपोर्ट ईश्वर टांक ( बाजना )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत