नई दिल्ली रतलाम मंदसौर नीमच
देश की प्रतिष्ठित UGC NET June 2026 परीक्षा एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गई है। 30 जून 2026 को आयोजित Sociology विषय की दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक की परीक्षा में पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आए हैं। देशभर के हजारों अभ्यर्थियों का दावा है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही पूरा प्रश्नपत्र टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर PDF के रूप में वायरल हो गया था और परीक्षा में वही प्रश्न पूछे गए।
इस विवाद ने केवल दिल्ली या किसी एक राज्य तक सीमित न रहकर रतलाम मंदसौर नीमच सहित पूरे मध्य प्रदेश और देशभर के UGC NET अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। मालवा निमाड़ क्षेत्र के कई छात्रों ने भी सोशल मीडिया पर दावा किया है कि वायरल PDF और वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों में लगभग 90 प्रश्न पूरी तरह मेल खाते थे। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच की मांग की जा रही है।
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू वायरल PDF का मेटाडेटा है। छात्रों के अनुसार DOC 20260630 WA0201 Sociology PDF नाम की लगभग 11 दशमलव 3 MB की फाइल E Learning Classes नामक टेलीग्राम चैनल पर साझा की गई थी। PDF का Creation Date 30 जून 2026 सुबह 4 बजकर 8 मिनट दर्ज है जबकि परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे शुरू हुई। यानी दस्तावेज परीक्षा से लगभग 11 घंटे पहले तैयार दिख रहा है।
हालांकि केवल मेटाडेटा अपने आप में पेपर लीक का अंतिम प्रमाण नहीं है और इसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक होगी।
देशभर के छात्रों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वायरल PDF और परीक्षा के प्रश्न लगभग समान थे। कई संदेश तेजी से वायरल हुए जिनमें लिखा गया Yes Maam Same Question Tha। एक अन्य छात्र ने लिखा Mam Main Paper Dekar Aaya Hoon Jo PDF Circulate Ho Rahi Hai Bilkul Copy Paste Hai। कई छात्रों ने Same To Same Exact Match लिखकर भी दावा किया कि वायरल PDF और वास्तविक प्रश्नपत्र एक जैसे थे। कई टेलीग्राम पोल और व्हाट्सएप ग्रुप में भी बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रश्नों के मिलान का दावा किया।
इस पूरे मामले में E Learning Classes की एडमिन और Sociology Educator Gaganpreet Kaur ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA को विस्तृत ईमेल भेजकर तत्काल जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 90 छात्रों ने उनसे संपर्क कर वायरल PDF और वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों के मेल खाने की जानकारी दी। उन्होंने संबंधित PDF को भी जांच के लिए भेजने की बात कही।
इस मुद्दे पर रतलाम मंदसौर नीमच सहित मध्य प्रदेश के कई अभ्यर्थी सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश बिहार राजस्थान हरियाणा दिल्ली महाराष्ट्र गुजरात पंजाब और अन्य राज्यों के छात्रों ने भी निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा की मांग तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर UGCNETLeak JusticeForStudents और CancelUGCNET जैसे अभियान भी तेजी से चल रहे हैं।
मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले लगभग 100 पेज का PDF वायरल था जिसमें करीब 90 प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मेल खाते थे। उन्होंने पेपर बिक्री और संगठित नेटवर्क को लेकर भी आरोप लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA ने अभी तक पेपर लीक के आरोपों पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी ने केवल प्रश्नपत्र में स्पेलिंग की गलतियों हिंदी अनुवाद संबंधी त्रुटियों और कुछ प्रश्नों की जांच की बात कही है। शिक्षा मंत्रालय ने भी पूरे मामले में NTA से रिपोर्ट तलब की है लेकिन अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
रतलाम मंदसौर नीमच सहित पूरे मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि जांच में पेपर लीक की पुष्टि होती है तो यह लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय होगा। UGC NET के परिणामों के आधार पर JRF असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण अवसर तय होते हैं इसलिए पारदर्शी जांच और निष्पक्ष निर्णय बेहद जरूरी है।
सबसे बड़े सवाल
परीक्षा से पहले वायरल PDF किसने तैयार की
यदि प्रश्न वास्तव में मेल खाते हैं तो जिम्मेदार कौन है
क्या NTA पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगी
क्या परीक्षा दोबारा आयोजित होगी
रतलाम मंदसौर नीमच सहित पूरे मध्य प्रदेश और देशभर के लाखों अभ्यर्थियों को न्याय कब मिलेगा