भैंसोदामंडी। इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अब ठग मोबाइल फोन फर्जी लिंक वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में Safe Click 2.0 जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना और डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क बनाना है।
मंदसौर जिले के भानपुरा थाना अंतर्गत पुलिस चौकी भैंसोदामंडी में पदस्थ सब इंस्पेक्टर धर्मेश सिंह एवं उनकी टीम ने क्षेत्र के नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेकर उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। इसलिए हर नागरिक को डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सब इंस्पेक्टर धर्मेश सिंह ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी व्यवस्था भारत में मौजूद नहीं है। कोई भी पुलिस अधिकारी सीबीआई ईडी या अन्य सरकारी एजेंसी किसी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तार नहीं कर सकती। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार का दावा करते हुए डराने या धमकाने की कोशिश करे तो तुरंत कॉल काट दें और इसकी सूचना पुलिस को दें।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। इनाम या लॉटरी के लालच में आकर QR कोड स्कैन न करें। सोशल मीडिया प्रोफाइल को सार्वजनिक रखने के बजाय प्राइवेट रखें तथा अपने बायो में मोबाइल नंबर पता या वर्तमान लोकेशन जैसी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी केवल एक गलत क्लिक एक ओटीपी साझा करने या एक फर्जी कॉल के जरिए बैंक खाते से राशि निकाल सकते हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी बैंक विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत करने से कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।
मध्य प्रदेश पुलिस के Safe Click 2.0 अभियान का संदेश है कि एक सुरक्षित क्लिक आपकी पहचान और आपकी मेहनत की कमाई दोनों को सुरक्षित रख सकता है। पुलिस ने नागरिकों से जागरूक रहने और दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की है।