रतलाम। मानव सेवा और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संगम उस समय देखने को मिला जब देहदान का संकल्प लेने वाले पर्यावरण प्रेमी अशोक खाबिया को डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. अनीता मुथा ने औपचारिक रूप से देहदान संकल्प परिचय पत्र प्रदान किया। इस अवसर को यादगार बनाते हुए सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर समाज को जीवन के बाद भी मानवता की सेवा और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनीता मुथा ने मधु कामिनी का पौधा वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधि से रोपित कर उपस्थित लोगों को पौधारोपण की सही प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि पौधों का रोपण वैज्ञानिक तरीके से किया जाए तो उनकी जीवित रहने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य भी सफल होता है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित अशोक खाबिया के काटजू नगर स्थित आवास पर बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे लगे हुए हैं। उनके हरित प्रयासों से प्रभावित होकर रतलाम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी गोविंद काकानी ने उनसे पौधारोपण की तकनीकी जानकारी साझा करने का आग्रह किया था। इसी उद्देश्य से यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और देहदान जैसे सामाजिक सरोकारों को एक साथ जोड़कर अनूठा संदेश दिया गया।
इस अवसर पर रतलाम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गोविंद काकानी, डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. अनीता मुथा, मानव संरचना विभाग के प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिगरोले, डॉ. विजय चौहान, डॉ. ध्रुवेंद्र पांडे, डॉ. स्वर्णकांता लिखार, डॉ. प्रफुल्ल सोनगरा तथा जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि देहदान महादान है, जो चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए अमूल्य योगदान देता है। वहीं पौधारोपण आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करने का माध्यम है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जीवन में किए गए अच्छे कार्य व्यक्ति को समाज में सदैव जीवित रखते हैं और यदि देहदान के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण का भाव भी जुड़ जाए, तो यह मानवता के प्रति सबसे बड़ी सेवा बन जाती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत