रतलाम। जिले की बड़ावदा पुलिस ने हत्या के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर चारों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुराने मकान पर कब्जे के विवाद में 70 वर्षीय महिला की मौत के बाद फरार हुए आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। साइबर सेल की तकनीकी सहायता और पुलिस टीम की लगातार दबिश के चलते सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की इस तेज कार्रवाई की जिलेभर में सराहना हो रही है।
पुलिस के अनुसार 17 जुलाई 2026 को ग्राम लसुडिया जंगली में पुराने मकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि अजय, भागवंताबाई, मंजु और साईता ने कमलाबाई पति नंदूलाल बागरी (70 वर्ष), रविना एवं काजल के साथ गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट कर दी। मारपीट के दौरान कमलाबाई गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जावरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और चारों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही थाना बड़ावदा पुलिस ने अपराध क्रमांक 236/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 296(ए), 115(2) एवं 3(5) के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (भा.पु.से.) ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल एवं प्रभारी एसडीओपी जावरा युवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान साइबर सेल रतलाम से प्राप्त तकनीकी इनपुट के आधार पर थाना बड़ावदा पुलिस और चौकी सुखेड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पहले मुख्य आरोपी अजय को हिरासत में लिया। इसके बाद लगातार दबिश देकर शेष तीनों महिला आरोपियों भागवंताबाई, मंजु और साईता को भी दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में चारों आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष चौरसिया, उपनिरीक्षक एम.एल. बड़ोदिया, सहायक उपनिरीक्षक शिवजी यादव, प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह तोमर, आरक्षक गोपाल सिंह सोनगरा, साइबर सेल रतलाम के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक मयंक, तथा चौकी सुखेड़ा थाना पिपलोदा के आरक्षक प्रेम मीणा एवं जितेन्द्र की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
बड़ावदा पुलिस थाना प्रभारी प्रभारी निरीक्षक संतोष चौरसिया ने कहा कि गंभीर अपराधों के आरोपियों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त और त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और अपराधियों में पुलिस का भय कायम रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत