रतलाम। रतलाम जिले के शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष एवं जिला उपाध्यक्ष केशुराम निनामा के लगातार प्रयासों, शासन स्तर पर सतत फॉलोअप और जनहित की मजबूत पैरवी के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश शासन ने जिले के लिए 25 नवीन शासकीय स्कूल भवनों को स्वीकृति प्रदान की है। जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के स्थान पर बनने वाले इन नए भवनों से जिले के हजारों विद्यार्थियों को सुरक्षित और आधुनिक शिक्षण वातावरण मिलेगा।
शासन द्वारा जारी स्वीकृति सूची के अनुसार बाजना विकासखंड को सर्वाधिक 13, सैलाना को 5, रतलाम को 4 तथा आलोट को 3 नए स्कूल भवन स्वीकृत हुए हैं। अधिकांश भवनों के लिए 18.25 लाख रुपये तथा कम नामांकन वाले विद्यालयों के लिए 10.61 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।
जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष एवं जिला उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से जिले के जर्जर विद्यालय भवनों के संबंध में शासन के समक्ष लगातार मांग रखी जा रही थी। कई दौर की चर्चा, पत्राचार और निरंतर प्रयासों के बाद यह बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे रतलाम जिले के विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षा परिवार की जीत है।
केशुराम निनामा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्कूल शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन भवनों के निर्माण से विशेष रूप से बाजना, सैलाना, आलोट और रतलाम के ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा। नए भवनों में पढ़ाई का बेहतर माहौल तैयार होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और विद्यार्थियों का भविष्य और अधिक मजबूत होगा।
जिले में इस स्वीकृति को केशुराम निनामा के शिक्षा क्षेत्र में लगातार किए जा रहे प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पालकों और ग्रामीणों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे रतलाम जिले के शिक्षा विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत