रतलाम। राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण और लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त उज्जैन संभाग के निर्देशों के बावजूद न्यायालयीन प्रकरणों में जांच एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं होने के मामले में कलेक्टर द्वारा तहसीलदार रतलाम शहर कुलभूषण शर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
वहीं इस कार्रवाई के बाद तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि रतलाम शहर तहसीलदार के पद पर उनकी नियुक्ति करीब 20 दिन पूर्व ही हुई है और संबंधित लंबित प्रकरण उनके कार्यकाल से पहले के हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मामला उनके संज्ञान में आने के बाद उन्होंने महज दो दिन में सभी संबंधित 9 प्रकरणों की कार्रवाई पूरी कर ली है और प्रतिवेदन सोमवार को कलेक्टर के न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार आयुक्त उज्जैन संभाग के न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में कलेक्टर न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 04, 05, 06, 09, 011, 012, 014, 015 एवं 016/अ-21/2021-22 में आवश्यक जांच एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के लिए प्रकरण तहसीलदार रतलाम शहर के स्तर पर भेजे गए थे। संबंधित भूमियों के वर्तमान उपयोग एवं मौके की स्थिति से संबंधित जांच प्रतिवेदन सात दिवस में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रतलाम ग्रामीण के माध्यम से प्रस्तुत किया जाना था।
6 अगस्त को हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान इन मामलों के लंबे समय से लंबित होने की बात सामने आई। प्रशासन की ओर से जारी कारण बताओ सूचना पत्र में कहा गया है कि जांच प्रतिवेदन समय पर प्राप्त नहीं होने के कारण प्रकरणों का निराकरण प्रभावित हुआ तथा न्यायालयीन कार्यवाही समय-सीमा में पूरी नहीं हो सकी।
इसी आधार पर तहसीलदार रतलाम शहर कुलभूषण शर्मा से दो दिवस में स्पष्टीकरण मांगा गया है। निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उनकी रतलाम शहर तहसीलदार के रूप में नियुक्ति अभी करीब 20 दिन पूर्व ही हुई है। उनके अनुसार संबंधित प्रकरण उनके कार्यभार ग्रहण करने से पहले से लंबित थे।
उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों की जानकारी उन्हें लगभग दो दिन पहले मिली और जानकारी मिलते ही उन्होंने सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी कर दी।
तहसीलदार शर्मा के मुताबिक संबंधित कुल 9 प्रकरणों की कार्रवाई पूरी कर दी गई है और अब सोमवार को कलेक्टर अजय कटेसरिया के न्यायालय में संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही पूरी कर दी गई है और अब रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष पहुंचाई जाएगी।
तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रकरणों को लेकर कार्रवाई की जा रही है वे उनके पदभार संभालने से पहले से लंबित थे। उनके अनुसार संबंधित कार्य मूल रूप से जांच एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत करने से जुड़ा था और मामला सामने आते ही उन्होंने इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया।
अब इस पूरे मामले में कलेक्टर कार्यालय द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण और तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रतिवेदन पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। एक ओर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का संदेश दिया है वहीं तहसीलदार कुलभूषण शर्मा का पक्ष सामने आने के बाद यह तथ्य भी महत्वपूर्ण हो गया है कि संबंधित प्रकरण उनके कार्यभार ग्रहण करने से पहले के हैं और उनके अनुसार वर्तमान में 9 प्रकरणों की आवश्यक कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।
सैलाना क्षेत्र में तहसीलदार कुलभूषण शर्मा विगत 1 वर्ष (जुलाई से जुलाई, 1 साल 4 दिन) के कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक/विभागीय स्तर पर जनहित में किए गए कार्य सराहनीय रहे हैं। इस पूरे कार्यकाल के दौरान अधिकारी की कार्यशैली से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक पूर्ण रूप से संतुष्ट नज़र आए।
अपने 1 वर्ष से अधिक के इस कार्यकाल में उन्होंने न केवल जनसमस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना, बल्कि उनका त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया। सैलाना एवं आसपास के आदिवासी ग्रामीण अंचलों में उनके द्वारा किए गए कार्यों की बेहतर रिपोर्टिंग और सकारात्मक छवि रही है।
अब निगाहें सोमवार को प्रस्तुत होने वाले प्रतिवेदन और प्रशासनिक स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर रहेंगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत