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पुर की खुशहाली एवं श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर निर्माण की कामना लेकर ओंकारेश्वर से महाकाल नगरी तक गूंजे जयकारे उज्जैन/भीलवाड़ा : उपनगर पुर की दशम सेवा समिति ने धार्मिक आस्था और सेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए उज्जैन की धरती पर भक्ति का ऐसा रंग जमाया कि हजारों-लाखों श्रद्धालु महाआरती के दिव्य दृश्य के साक्षी बने। पुर की खुशहाली, सुख-समृद्धि एवं श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर निर्माण की मंगलकामना को लेकर समिति के 65 सदस्यीय दल ने ओंकारेश्वर एवं उज्जैन में विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की। रविवार को दल ने सर्वप्रथम अहिल्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद शाम को ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के पावन तट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। रात्रि करीब 9 बजे मंदिर परिसर में हुई महाआरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्तिमय वातावरण में आरती का आनंद लिया। महाकाल की सवारी के आगे-आगे गूंजती रही आरती सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकाल की भव्य सवारी निकली। इस दौरान दशम सेवा समिति के सदस्य सवारी के आगे-आगे पूरे बाजारों में महाआरती करते हुए चले। आरती के इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों लोगों ने समिति की आरती का दर्शन किया और भगवान महाकाल के जयकारों से पूरा उज्जैन गूंज उठा। जगह-जगह फूलों से हुआ स्वागत दशम सेवा समिति की भव्य आरती एवं धार्मिक सेवा की उज्जैन में जमकर सराहना हुई। प्रशासन, स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने समिति के सदस्यों का उत्साह बढ़ाया। कई स्थानों पर समिति का फूलों से भव्य स्वागत किया गया। मीडिया में भी छाई दशम सेवा समिति समिति द्वारा की गई महाआरती को उज्जैन के विभिन्न मीडिया संस्थानों एवं टीवी चैनलों ने प्रमुखता से कवरेज दिया। धार्मिक आयोजन के दौरान समिति की सेवा भावना और अनुशासन की लोगों ने खूब प्रशंसा की। दशम सेवा समिति के सदस्यों ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि पुर की खुशहाली, श्री लक्ष्मीनाथ भगवान के भव्य मंदिर निर्माण और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक आस्था एवं संकल्प की यात्रा है। महाकाल बाबा और भगवान ओंकारेश्वर से सभी के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की मंगलकामना की गई। फोटो : महाकाल बाबा की सवारी के दौरान उज्जैन के बाजार में महाआरती करते दशम सेवा समिति पुर के सदस्य। |