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जिला संवाददाता मुकेश बीजापारी कि रिपोर्ट| कानड़ नगर में 31 अगस्त को कनकेश्वर महादेव की शाही सवारी धूमधाम के साथ नगर भ्रमण पर निकलेगी। सवारी में भोलेनाथ की झांकी, ताशा पार्टी, भील मामा नृत्य पार्टी सहित अन्य आकर्षक झांकियां तथा धार्मिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। शाही सवारी करीब 46 वर्षों से नगर में निकल रही है। वर्ष 1980 में इसकी शुरुआत कैलाश परिहार ने ठेले पर भोलेनाथ की सवारी निकालकर की थी। समय के साथ इस परंपरा ने भव्य स्वरूप ले लिया। अब सवारी में हजारों नगरवासी तथा आसपास के ग्रामीण शामिल होते हैं। शाही सवारी की शुरुआत पुराना बस स्टैंड स्थित कनकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद होगी। प्रमुख मार्गों से गुजरने वाली सवारी का विभिन्न चौराहों पर सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों द्वारा स्वागत किया जाएगा। श्रद्धालुओं को फलाहारी व्यंजन, प्रसाद तथा पेय पदार्थ वितरित किए जाएंगे। सवारी में शिव पहाड़ी स्थित भूतेश्वर महादेव की सवारी भी शामिल होगी। दोनों महादेव के स्वरूप नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कनकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। वहां महाआरती तथा प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। परंपरा को भव्य स्वरूप देने में समिति का योगदान कनकेश्वर महादेव की शाही सवारी को वर्तमान भव्य स्वरूप देने में कैलाश परिहार के साथ समिति के सदस्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसमें पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह चौधरी, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, भगवान माली, कैलाश गोरेलाल, शिव परमार, नंद किशोर वर्मा, संदीप बैरागी सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही है। |
जिला संवाददाता मुकेश बीजापारी कि रिपोर्ट| कानड़
नगर में 31 अगस्त को कनकेश्वर महादेव की शाही सवारी धूमधाम के साथ नगर भ्रमण पर निकलेगी। सवारी में भोलेनाथ की झांकी, ताशा पार्टी, भील मामा नृत्य पार्टी सहित अन्य आकर्षक झांकियां तथा धार्मिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
शाही सवारी करीब 46 वर्षों से नगर में निकल रही है। वर्ष 1980 में इसकी शुरुआत कैलाश परिहार ने ठेले पर भोलेनाथ की सवारी निकालकर की थी। समय के साथ इस परंपरा ने भव्य स्वरूप ले लिया। अब सवारी में हजारों नगरवासी तथा आसपास के ग्रामीण शामिल होते हैं।
शाही सवारी की शुरुआत पुराना बस स्टैंड स्थित कनकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद होगी। प्रमुख मार्गों से गुजरने वाली सवारी का विभिन्न चौराहों पर सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों द्वारा स्वागत किया जाएगा। श्रद्धालुओं को फलाहारी व्यंजन, प्रसाद तथा पेय पदार्थ वितरित किए जाएंगे। सवारी में शिव पहाड़ी स्थित भूतेश्वर महादेव की सवारी भी शामिल होगी। दोनों महादेव के स्वरूप नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कनकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। वहां महाआरती तथा प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
परंपरा को भव्य स्वरूप देने में समिति का योगदान
कनकेश्वर महादेव की शाही सवारी को वर्तमान भव्य स्वरूप देने में कैलाश परिहार के साथ समिति के सदस्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसमें पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह चौधरी, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, भगवान माली, कैलाश गोरेलाल, शिव परमार, नंद किशोर वर्मा, संदीप बैरागी सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही है।