रतलाम /जावरा। मालवा की धरती जावरा की बेटी सुश्री मुस्कान बघेला ने अपने संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और सामाजिक सक्रियता के दम पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 26 अगस्त 2026 को उनका राष्ट्रीय छात्र सांसद, जयपुर के लिए चयन हुआ है। आगामी 26 एवं 27 सितंबर 2026 को जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय छात्र सांसद कार्यक्रम में मुस्कान बघेला राष्ट्रीय मंच से अपने विचार और प्रखर वक्तव्य प्रस्तुत करेंगी।
मुस्कान की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बेहद कम उम्र में जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना किया। मात्र 6 वर्ष की उम्र में पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनकी माताजी ने उन्हें निडर, संस्कारी, आत्मनिर्भर और साहसी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं उनके बड़े भाई जीवन सिंह जी शेरपुर का मार्गदर्शन और संघर्ष के हर दौर में मिला सहयोग भी उनके जीवन की महत्वपूर्ण ताकत रहा।
15 वर्ष की उम्र से समाजसेवा में सक्रिय
मुस्कान बघेला ने महज 15 वर्ष की उम्र से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी थी। वर्ष 2014 से जावरा तहसील अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्यों से जुड़कर उन्होंने समाजसेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बनाया। वे करणी सेवा परिवार, दहेज विरोधी संगठन तथा जय भवानी मातृशक्ति तलवारबाजी संघ जैसी सामाजिक गतिविधियों से जुड़कर युवाओं और विशेषकर बालिकाओं में जागरूकता एवं आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।
तलवारबाजी के जरिए बेटियों को आत्मरक्षा का संदेश
बचपन से ही खेल एवं साहसिक गतिविधियों में रुचि रखने वाली मुस्कान ने बास्केटबॉल और तलवारबाजी में भी सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने तलवारबाजी का प्रशिक्षण लेने के साथ ही बच्चों और बालिकाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य भी किया। जय भवानी मातृशक्ति तलवारबाजी संघ के माध्यम से वे बेटियों को आत्मरक्षा, साहस और आत्मविश्वास के लिए प्रेरित कर रही हैं। बदनावर में आयोजित तलवारबाजी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी उन्होंने बालिकाओं को प्रशिक्षण एवं प्रेरणा प्रदान की।
मुस्कान का मानना है कि आज के दौर में बेटियों के लिए शिक्षा के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी बेहद जरूरी है। उनका संदेश है—सशक्त नारी ही सुरक्षित नारी है।
राष्ट्रीय मंच पर उठाएंगी युवाओं और समाज से जुड़े मुद्दे
राष्ट्रीय छात्र सांसद का मंच युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था के समक्ष अपने विचार रखने का अवसर प्रदान करता है। इस मंच पर मुस्कान युवाओं की समस्याएं, शिक्षा, रोजगार, नारी शक्ति, सामाजिक कुरीतियां, समान अधिकार, यूजीसी एवं आरक्षण से जुड़े विषय, युवा संस्कार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को अपनी आवाज देने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
उनका स्पष्ट मानना है कि विचारों से परिवर्तन संभव है और युवाओं से राष्ट्र निर्माण। उनके अनुसार शिक्षित, संस्कारी और जागरूक युवा ही देश के लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्र निर्माण को नई दिशा दे सकते हैं।
राजपूत समाज की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
जावरा जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंची मुस्कान बघेला की उपलब्धि राजपूत समाज सहित समस्त नारी शक्ति के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत हों, मजबूत इरादों और निरंतर मेहनत के बल पर सफलता की नई राह बनाई जा सकती है।
उनकी यात्रा इस संदेश को चरितार्थ करती है—
जिस परिस्थिति में हम जन्म लेते हैं, वह हमारे हाथ में नहीं होती; लेकिन उन परिस्थितियों से निकलकर हमें कहां पहुंचना है, यह हमारे साहस, संकल्प और कर्म पर निर्भर करता है।
मुस्कान बघेला का राष्ट्रीय छात्र सांसद के लिए चयन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जावरा, मालवा, राजपूत समाज और नारी शक्ति के लिए गौरव का विषय है। आगामी 26-27 सितंबर को जयपुर के राष्ट्रीय मंच पर उनकी आवाज किस तरह युवाओं और समाज से जुड़े मुद्दों को नई दिशा देती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।