रतलाम / बाजना। रत्नपुरी ग्राम भारती शिक्षा समिति जिला रतलाम द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर बाजना में जनजातीय गौरव, अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक गोंडवाना की वीरांगना महारानी दुर्गावती की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन जनजाति कार्य प्रमुख विजेंद्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महारानी दुर्गावती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। उपस्थित आचार्य परिवार एवं विद्यार्थियों ने वीरांगना महारानी दुर्गावती को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश गोस्वामी ने विद्यार्थियों को महारानी दुर्गावती के जीवन, संघर्ष, साहस और उनकी महानता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि महारानी दुर्गावती ने विषम परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए अद्भुत वीरता का परिचय दिया। उनका जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। महारानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों के माध्यम से बच्चों को भारतीय इतिहास एवं जनजातीय समाज के गौरवशाली योगदान से परिचित कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास, महापुरुषों एवं वीरांगनाओं के संघर्षों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य परिवार से सत्तू डामोर, सावल सिंह चारेल, श्रीमती संगीता गोस्वामी, सुश्री निर्मला चारेल, सुश्री श्रद्धा डिंडोर, सुश्री स्वाति डिंडोर, सुश्री अरिहंता भगोरा, सुश्री बिंदिया वाघेला, सुश्री रानी मईडा, श्रीमती काली चरपोटा, सुश्री रितिका जामोनिया सहित विद्यालय सेविका श्रीमती आशाबाई उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में महारानी दुर्गावती के त्याग, वीरता और राष्ट्रप्रेम के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
रिपोर्ट ईश्वर टांक ( बाजना )