रतलाम / सैलाना / सकरावदा। ग्राम पंचायत सकरावदा के अंतर्गत आने वाले ग्राम महुडीपाड़ा में महान आदिवासी वीर योद्धा राणा पूँजा भील की जयंती हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं ने सहभागिता कर वीर योद्धा राणा पूँजा भील के शौर्य, साहस, पराक्रम और ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
जयंती कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने राणा पूँजा भील के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं एवं युवाओं ने उनके जीवन संघर्ष और वीरता को याद करते हुए कहा कि राणा पूँजा भील का इतिहास साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया तथा समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। जयंती के माध्यम से नई पीढ़ी को आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के योगदान से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। उपस्थित युवाओं ने कहा कि समाज के वीर महापुरुषों के इतिहास को जानना और उनकी वीरता से प्रेरणा लेना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन सामाजिक एकजुटता के साथ-साथ युवाओं में अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करते हैं।
समारोह में प्रकाश राणा, लालू राणा, कालू राणा, हेमराज भावर, लक्ष्मण मईडा, ईश्वर डोडियार, कमल भावर, बबलू भावर, राकेश सिंघाड़ा और बंटी राणा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान पूरे माहौल में राणा पूँजा भील के शौर्य और पराक्रम की चर्चा रही तथा उपस्थित युवाओं ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
ग्राम महुडीपाड़ा में आयोजित यह आयोजन केवल जयंती समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आदिवासी गौरव, वीरता, सामाजिक एकता और युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का संदेश देने वाला कार्यक्रम बनकर सामने आया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत