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चीताखेड़ा । स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनके भूखंडों का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया सर्वर की सुस्त रफ्तार के कारण धीमी पड़ गई है। चीताखेड़ा में काम शुरू हुए 10 दिन बीत चुके है, लेकिन अब तक केवल 26भूखंडों की रजिस्ट्री हो सकी है। वहीं, 1619 प्रकरण ऑनलाइन सबमिट किए गए हैं। प्रदेश भर में एक साथ प्रक्रिया शुरू होने से पोर्टल पर बढ़े दबाव का असर कामकाज पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कुछ मिनटों में पूरी होने वाली प्रक्रिया में एक से डेढ़ घंटे तक लग रहे हैं। इससे पटवारी के साथ ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। दरअसल, स्वामित्व योजना के तहत भूखंडों की निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू होना थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते पटवारियों ने काम शुरू नहीं किया था। बाद में नए आदेश जारी होने के बाद प्रक्रिया शुरू हुई। अब सर्वर की धीमी गति के कारण रजिस्ट्रियों का काम अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कई बार पोर्टल पर काम करने के दौरान आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे पटवारियों का समय अधिक लग रहा है और ग्रामीणों को भी बार-बार चक्कर लगाने की स्थिति बन रही है। प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रकरणों में रजिस्ट्री का काम आगे बढ़ाया गया है। इनमें से 26 प्रकरणों में पटवारी सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है। भूमि संबंधी अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह सत्यापन जरूरी है। प्रशासन ने आगामी दिनों में करीब एक हजार 619 प्रकरणों को पंजीयन में बदलने का लक्ष्य रखा है, लेकिन शुरुआती सप्ताह में हुई प्रगति को देखते हुए रफ्तार बढ़ाना चुनौती बना हुआ है। योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनके भूखंडों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मिलेंगे। इससे संपत्ति के अधिकार स्पष्ट होने और भूखंडों से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, लक्ष्य के अनुरूप काम पूरा करने के लिए पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का दूर होना जरूरी है। नायब तहसीलदार संतोष घाटिया, राजस्व निरीक्षक योगेश कुमार चौपड़ा ने भी बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचे। जहां मौके पर उपस्थित स्वामित्वों से कहा कि भले ही समय लगे पर सबमिट जरुर लगवाएं। पोर्टल प्राब्लम पुरे प्रदेश में एक साथ कार्य चलने के कारण हो रही है।इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। इनका कहना स्वामित्व सुभाष चन्द्र जाटव, लालू नाथ जोगी,लाला मंसूरी चीताखेड़ा का कहना है कि हम चार दिन से चक्कर लगा रहा हूं और आज भी सुबह 11 बजे से बैठा हुआ हूं शाम 5 बज गई है फिर भी काम नहीं हुआ। **पोर्टल नहीं चलने से परेशान होना पड़ रहा है।60 स्वामित्व के आवेदन सबमिट हुए थे जिनमें से अभी तक मात्र 28 स्वामित्व की रजिस्ट्री ही हुई हैं, क्या करें। ऊपर अधिकारियों का दबाव और इधर पोर्टल प्रोब्लम। *पटवारी संदेश चैलावत, मौजा पटवारी हल्का चीताखेड़ा।*- **योजनान्तर्गत पूरे प्रदेश में कार्य हो रहा हैं। स्टेट के ग्रुप में सभी दूर के कार्यों के फीडबैक पर चर्चा हो रही हैं तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पात्र सभी स्वामित्व अपना भूखण्ड सबमिट करवाएं। तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी, तहसील जीरन। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |