रतलाम / धामनोद। धर्मनगरी धामनोद में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को गौमाता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन को लेकर जनजागृति की एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। गौमाता के प्रति श्रद्धा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने गौ सम्मान आह्वान अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस दौरान गौमाता को सम्मान दिलाने और उनके संरक्षण के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाने का आह्वान किया गया। अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया कि गौमाता का सम्मान केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संवेदना से भी जुड़ा हुआ है।
अभियान के तृतीय चरण में देशभर से 31 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन हस्ताक्षरों के माध्यम से गौमाता के सम्मान एवं संरक्षण से संबंधित मांगों को लेकर प्रार्थना-पत्र शासन को सौंपने का संकल्प लिया गया है। धामनोद में चलाए गए इस अभियान में कार्यकर्ताओं ने हिन्दू समाज, गौभक्तों और गौप्रेमियों से आगे आकर हस्ताक्षर करने तथा इस जनअभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि गौमाता के प्रति हमारी श्रद्धा और सम्मान को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनके संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से आगे आना जरूरी है। अभियान में किया गया प्रत्येक हस्ताक्षर इस संकल्प को मजबूती देने वाला कदम है। समाज का हर व्यक्ति अपनी सहभागिता के माध्यम से गौमाता के सम्मान और संरक्षण की आवाज को शासन तक पहुंचाने में योगदान दे सकता है।
4 दिसंबर को भोपाल में जुटने का आह्वान
अभियान के तहत आगामी 4 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाले गौ सम्मान दिवस को लेकर भी विशेष आह्वान किया गया। कार्यकर्ताओं ने हिन्दू समाज से भोपाल के अटल पथ पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गौमाता के सम्मान एवं संरक्षण की आवाज बुलंद करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने प्रेरक नारा दिया— गौमाता के दूध का ऋण चुकाना है, 4 दिसंबर को भोपाल जाना है।
धर्मनगरी धामनोद में आयोजित इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि गौमाता के सम्मान और संरक्षण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समाज की व्यापक सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी गौभक्तों और गौप्रेमियों से अपील की कि वे स्वयं हस्ताक्षर करें और अपने परिवार, परिचितों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें, ताकि गौ सम्मान की यह आवाज व्यापक जनसमर्थन के साथ शासन तक पहुंच सके।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत