रतलाम/सरवन। पुलिस की तत्परता और डायल-112 की त्वरित सहायता एक बार फिर किसी जरूरतमंद के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। रतलाम जिले के थाना सरवन क्षेत्र में ग्राम बोरदा के वर्तमान सरपंच कमल सिंह जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिले। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम ने बिना समय गंवाए उन्हें एफआरव्ही वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बोरदा के सरपंच कमल सिंह ने अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे ग्राम कुंडा के समीप गराड़ घाटा क्षेत्र में सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़े मिले। इसी दौरान एक व्यक्ति ने सड़क किनारे बेहोश पड़े व्यक्ति की जानकारी पुलिस सहायता के लिए राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को दी।
सूचना दिनांक 05 नवंबर 2026 को शाम 7 बजकर 12 मिनट पर प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थाना सरवन क्षेत्र में तैनात डायल-112 की एफआरव्ही टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर आरक्षक 745 गजपाल सिंह राठौड़ एवं पायलट जितेंद्र मईडा पहुंचे। उन्होंने सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिले कमल सिंह को तत्काल संभाला और एफआरव्ही वाहन से बिना देरी किए सरवन अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार शुरू किया गया।
हालांकि उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए जिला मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर कर दिया। समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकी।
इस पूरे घटनाक्रम में डायल-112 के जवानों की मुस्तैदी, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही। आपातकालीन परिस्थितियों में सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जरूरतमंद को अस्पताल तक पहुंचाना पुलिस की जनसेवा और मानवीय जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
फिलहाल सरपंच कमल सिंह द्वारा जहरीला पदार्थ खाने के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, यह जांच एवं आगे मिलने वाली जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। क्षेत्रवासियों की नजरें अब सरपंच के स्वास्थ्य में सुधार पर टिकी हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत