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सुसनेर.आबकारी विभाग के डिप्टी कमीश्नर ने मंगलवार को आबकारी विभाग सुसनेर के गोडाउन का निरीक्षण किया। निरीक्षण को औचक बताया गया किंतु विभाग के अधिकारी निरीक्षण की पूर्व जानकारी के चलते पूरी तरह से ओपचारिक हीं बनाए रखा। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमीश्नर हर्षवर्धन राय ने मिडिया से दूरी बनाए रखी। निरीक्षण के दौरान मिडिया क्षेत्र में अवैध शराब की ब्रिकी पर आबकारी विभाग के द्वारा अवैध शराब पर कार्रवाई नहीं की जाने, ओवररेटिंग और मिलावट जैसे कई मुददे डिप्टी कमीश्नर राय के समक्ष रखना चाहती थी किंतु मिडिया की जानकारी लगते है। विभाग के अधिकारी अपनी कमियां दबाने में जुट गए। निरीक्षण के दौरान अधिकारी स्टॉक रजिस्टर, बिक्री के आंकड़ों की जानकारी जुटाने में व्यस्त् दिखे। उल्लेखनीय है कि अवैध रूप से शराब की ब्रिकी पर रोक के लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है किंतु विभाग के अधिकारियों की इस पर दिळचस्पी कम ही दिखाई देते है। नगरीय क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह गुमटियों में अवैध रूप से शराब की ब्रिकी धडल्ले से की जा रही है। उज्जैन झालवाड राष्ट्रीय राजमार्ग एवं क्षेत्र से लगी राजस्थान की सीमा पर बडृी मात्रा में अवैध शराब की सप्लाई जारी है। जिसके चलते शासन को राजस्व का बडा नुकसान हो रहा है। आबकारी विभाग का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना है। साथ ही उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिले और सरकार को मिलने वाले राजस्व में किसी भी प्रकार की हानि न हो। किंतु क्षेत्र में विभाग इस जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम ही नजर आ रहा है। आबकारी विभाग से ज्यादा क्षेत्र में अवैध शराब को लेकर पुलिस की कार्रवाई ज्यादा देखने को मिलती है। जिसमें यह सामने आता है क्षेत्र में बडृी मात्रा में अवैध रूप से शराब की सप्लाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार डिप्टी कमीश्नर ने निरीक्षण के दौरान दुकानों का क्लस्टर सहित कागजात की जांच की। किंतु इस जांच में शराब की धरातल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी नहीं जुटाई। डिप्टी कमीश्नर के दौरे की जानकारी पहले से होने पर स्थानीय अधिकारियों ने विभागीय कार्यालय के बाहर चूने की लाईन डालने से लेकर गोदाम की व्यवस्था पहले से ही चॉक चौबद कर ली थी। यही वजह है कि संभागीय अधिकारी यह दौरान ओचक ना होकर ओपचारिक बनकर रह गया। इस औपचारिक दौरे निरीक्षण की जानकारी को भी विभाग के अधिकारियों ने अपने तक ही सीमित रखा। इनका कहना:- संभागीय अधिकारियों का निरीक्षण हर 6 माह में एक बार गोदाम पर होता ही है। यह विभागीय कार्य है। सुसनेर में भी गोदाम के स्टाक सहित अन्य जानकारी के लिए डिप्टी कमीश्नर सुसनेर पहुंचे है। निरीक्षण में ऐसा कोई विशेष नहीं है। योगेंद्र सिंह ठाकुर आबकारी अधिकारी (सुसनेर) |