पत्रकार-अर्पित हरदेनिया
सुसनेर: जब हौसले बुलंद हों और इरादे मजबूत, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। आगर जिले के सुसनेर विकासखंड के ग्राम मोडी में एक ऐसी ही अनोखी घटना घटी, जब किसान भेरूसिंह तंवर ने अपने 20 साथियों के साथ मिलकर केवल 3 घंटे में 6 किलोमीटर तक मिनी हारवेस्टर मशीन हाथों से खींचकर अपने गांव पहुंचाई और शर्त जीत ली। इस अद्भुत कारनामे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और किसान की मेहनत को सलाम किया जा रहा है। ग्राम लोगडी के किसान भेरूसिंह तंवर अपनी खेती के लिए मिनी हारवेस्टर मशीन खरीदना चाहते थे। लेकिन उनके पास 1 लाख रुपये कम थे। ग्राम मोडी के व्यापारी प्रमोद पाटीदार ने मजाक में कहा कि अगर किसान 20 लोगों के साथ मिलकर इस मशीन को 6 किलोमीटर दूर अपने गांव लोगडी तक बिना किसी बाहरी मदद के हाथों से खींचकर ले जाए, तो मशीन मुफ्त में दी जाएगी।
अगर किसान इस चुनौती को पूरा नहीं कर पाता तो उसे व्यापारी को 1 लाख रुपये चुकाने होते। लेकिन भेरूसिंह ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपने दोस्त सुजान सिंह को बुलाकर 20 लोगों की टीम तैयार की।
3 घंटे में पूरी की असंभव लगने वाली चुनौती:-
मिनी हारवेस्टर मशीन का वजन और कठिन रास्ता यह एक असंभव चुनौती लग रही थी। लेकिन भेरूसिंह और उनकी टीम ने केवल 3 घंटे में इस चुनौती को पूरा कर दिखाया। उन्होंने न केवल मशीन को बिना किसी वाहन या बाहरी मदद के खींचा, बल्कि इसे 6 किलोमीटर दूर अपने गांव तक ले जाकर जीत की मिसाल कायम की। इस अद्भुत उपलब्धि को देखकर गांव के लोग, दुकानदार और आसपास के ग्रामीण दंग रह गए। किसान की मेहनत और दृढ़ निश्चय की हर तरफ तारीफ होने लगी।
गांव में जश्न, मेहनतकश टीम को मिला बड़ा इनाम:-
भेरूसिंह की इस शानदार जीत के बाद गांव में जश्न का माहौल बन गया। उनकी इस उपलब्धि को सम्मान देते हुए –
* भेरूसिंह तंवर ने अपने साथियों को 1 लाख रुपये इनाम में दिए।
* व्यापारी प्रमोद पाटीदार ने भी 51 हजार रुपये का इनाम दिया।
ये थे वो 20 लोग जिन्होंने कर दिखाया कमाल:-
भेरूसिंह तंवर, प्रेम सिंह, बालू सिंह, ईश्वर सिंह, जसवंत सिंह, पुर सिंह, कालू सिंह, भगवान सिंह, पप्पू सिंह, दशरथ सिंह, गोपाल सिंह, किरपाल सिंह, एलकार सिंह, गणपत सिंह, कमल सिंह, सुल्तान सिंह, आकाश, विक्की, हरिओम इन सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक जीत को संभव बनाया।
मेहनत और एकता से असंभव भी संभव:-
किसान भेरूसिंह तंवर ने अपनी जीत पर कहा –
यह मशीन मेरे लिए सपना सच होने जैसा है। अब मैं अपनी खेती में इसका उपयोग करके अधिक उत्पादन कर सकता हूं। इस जीत ने साबित कर दिया कि अगर मेहनत, लगन और टीमवर्क हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती।
किसानों के लिए बना प्रेरणा स्रोत:-
भेरूसिंह और उनके साथियों की यह अनोखी जीत सिर्फ एक मशीन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मेहनत, दृढ़ संकल्प और सामूहिक एकता का प्रतीक बन गई है। यह कहानी हर किसान और युवा को यह सिखाती है कि अगर आप अपनी ताकत और मेहनत पर भरोसा रखें, तो कोई भी बाधा आपकी सफलता को रोक नहीं सकती।