नई दिल्ली। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) को अब पूरे देश में राजकीय अवकाश घोषित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अन्य सार्वजनिक संगठनों में लागू होगा।
सरकार के इस फैसले को डॉ. अंबेडकर के योगदान को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सामाजिक न्याय और समावेशिता की दिशा में किए गए उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए, विभिन्न संगठनों और दलों ने लंबे समय से इस मांग को उठाया था।
गौरतलब है कि डॉ. अंबेडकर की जयंती को पहले कई राज्यों में अवकाश के रूप में मनाया जाता था, लेकिन अब इसे पूरे देश में राजकीय अवकाश के रूप में मान्यता दी गई है। इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों और छात्रों को इस दिन अवकाश मिलेगा, जिससे वे अंबेडकर जयंती के कार्यक्रमों में सम्मिलित हो सकेंगे।
सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा
भारत सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह अवकाश केंद्र सरकार के अधीन सभी संस्थानों और संगठनों में लागू होगा। साथ ही, राज्य सरकारें भी इस अवकाश को अपने स्तर पर अपनाने के लिए स्वतंत्र होंगी।
इस निर्णय के बाद देशभर में अंबेडकर जयंती को और व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभिन्न संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक करार दिया है।