लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच एक बार फिर शब्दों के बाण चले हैं। सीएम योगी ने पीटीआई भाषा के इंटरव्यू में अखिलेश यादव पर कई निशाने साधे तो अखिलेश यादव ने भी राजनीति फुल टाइम जॉब नहीं वाले योगी के बयान पर हमला किया है।
दरअसल सीएम योगी ने मंगलवार को कहा कि राजनीति उनके लिए फुल टाइम जॉब नहीं है और वह दिल से योगी हैं। इसे लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर हमला बोला है।अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि दरअसल उनको राजनीति करनी ही नहीं चाहिए जो इसे पार्ट टाइम समझते हैं क्योंकि सच्ची राजनीति सेवा का क्षेत्र होती है, जिसके लिए दिन के 24 घंटे और पूरा जीवन भी कम होता है।
अखिलेश यादव अक्सर आरोप लगाते हैं कि भाजपा के दोनों इंजन आपस में टकरा रहे हैं। अखिलेश का इशारा दिल्ली और लखनऊ के बीच मतभेदों को लेकर होता है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव के इन आरोपों का भी जवाब अपने इटरव्यू में दिया था।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेताओं के बीच मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वह पार्टी की वजह से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं। सीएम ने कहा कि केंद्रीय नेताओं के साथ मतभेद करके क्या मैं यहां पर बैठा रह सकता हूं। सीएम ने कहा कि बोलने के लिए कोई कुछ भी बोल सकता है, किसी का मुंह बंद थोड़े ही कर सकते हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा उनको समर्थन दिए जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर सीएम योगी ने कहा कि जो भारत के प्रति निष्ठावान होगा, आरएसएस उसको पसंद करेगा, जो भारत के लिए निष्ठावान नहीं होगा, आरएसएस उसको रास्ते पर लाने के लिए,सन्मार्ग पर लाने के लिए प्रेरणा ही दे सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि उनका प्राथमिक काम उत्तर प्रदेश के लोगों की सेवा करना है जो उनकी पार्टी ने उन्हें सौंपा है। सीएम ने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं और पार्टी ने मुझे राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए यहां रखा है।
संभावित प्रधानमंत्री के रूप में उनके प्रति बढ़ते समर्थन के बारे में पूछे जाने पर सीएम योगी ने कहा कि राजनीति मेरे लिए एक फुल टाइम जॉब नहीं है,इस समय मैं यहां काम कर रहा हूं,लेकिन वास्तविकता में मैं हूं तो एक योगी ही।