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नीमच जिले के राजमार्ग अब आमजन के लिए सुरक्षा के बजाय खतरे का कारण बनते जा रहे हैं। लगातार बढ़ते सड़क हादसों ने इन मार्गों को मौत के गलियारों में बदल दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा और कब तक हालात सुधरेंगे। उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वमोटो संज्ञान लेते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और समय-सीमा तय की जा चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव नगण्य नजर आता है। क्या संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे, यह अब भी सवाल बना हुआ है। नीमच जिले की सड़कों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। सड़क निर्माण कार्यों में लापरवाही और नियमों की अनदेखी भी हादसों को बढ़ावा दे रही है। नयागांव–लेवड़, नीमच–झालावाड़ और नीमच–सिंगोली जैसे प्रमुख स्टेट हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। हाईवे किनारे संचालित अधिकांश ढाबे और होटल बिना वैध लाइसेंस के चल रहे हैं, जबकि नियमानुसार कई विभागों से अनुमति लेना आवश्यक होता है। इसके साथ ही, राजमार्गों के दोनों ओर अवैध अतिक्रमण कर पक्के निर्माण कर लिए गए हैं, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ हैं। नयागांव–लेवड़ मार्ग पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए लगभग 12 वर्ष हो चुके हैं, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। राजमार्गों पर पिकअप वाहनों और ट्रैक्टरों की आवाजाही पर भी कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार टू-व्हीलर के लिए अलग लेन और ब्लैक स्पॉट्स पर ओवरब्रिज का निर्माण बेहद जरूरी है। इसके अलावा, विभिन्न मार्गों पर एम्बुलेंस और क्रेन जैसी आपातकालीन सेवाओं का अभाव है, जिससे दुर्घटना के बाद राहत कार्य प्रभावित होते हैं और निजी संसाधनों पर निर्भरता बढ़ती है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की वित्तीय सहायता से बना बी-श्रेणी का ट्रॉमा सेंटर एक दशक बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। भवन और मशीनें तैयार होने के बावजूद चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। अब समय आ गया है कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर इन खतरनाक मार्गों को सुरक्षित बनाएं और आमजन को राहत दिलाएं। अंत में आम नागरिकों से भी अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा में प्रशासन का सहयोग करें। डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू, पूर्व विधायक, नीमच |