रतलाम
प्रदेश सरकार हर घर तक स्वच्छ जल पहुँचाने का दावा कर रही है लेकिन रतलाम की धामनोद नगर परिषद में 307 लाख रुपये की अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नज़र आ रही है योजना में हो रही भारी अनियमितताओं को लेकर खुद सत्ताधारी दल के पार्षद ने मोर्चा खोल दिया है और नगर परिषद की कार्यप्रणाली की धज्जियां उड़ा दी हैं
पार्षद का हल्लाबोल
ठेकेदार और परिषद की मिलीभगत
वार्ड क्रमांक 04 के भाजपा पार्षद मदनलाल पाटीदार ने राज्यपाल नगरीय प्रशासन आयुक्त और कलेक्टर को पत्र लिखकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं पार्षद का दावा है कि घटिया निर्माण शासन के मानकों को ताक पर रखकर निम्न स्तरीय सामग्री का उपयोग किया जा रहा है
नियमों की अनदेखी कर पाइपलाइन की खुदाई निर्धारित गहराई तक नहीं की गई है
लापरवाही का आलम भारी मशीनों के उपयोग से मकानों में दरारें आने का खतरा है वहीं खुदाई वाले स्थानों पर न तो वार्निंग टेप है और न ही कोई सुरक्षा संकेतक लगाये
विकास या विनाश? जनता बेहाल
योजना के नाम पर पूरे नगर को खोद कर छोड़ दिया गया है बेतरतीब खुदाई के कारण पुरानी पाइपलाइनें टूट रही हैं जिससे भीषण गर्मी में जल संकट गहरा गया है
हालत यह है कि वार्ड नं 2 3 4 5 और 9 में पिछले एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप है जहाँ पानी आ भी रहा है वहाँ नलों से गंदा पानी और कम प्रेशर की शिकायतें आम हैं
मलबे में दबी सुरक्षा धूल फांकते नागरिक
नगर परिषद की लचर निगरानी के कारण ठेकेदार अपनी मनमानी पर उतारू है सड़कों पर फैले मलबे और धूल से स्थानीय लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं पार्षद पाटीदार ने मांग की है कि इस भ्रष्टाचार से शासन को हुए नुकसान की भरपाई ब्याज सहित वसूली कर दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए
मुख्य समस्या
पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त गंदा पानी सुरक्षा उपकरणों का अभाव और धीमी कार्य गति
अब देखना यह है कि प्रशासन इस अमृत में घुले भ्रष्टाचार के जहर पर क्या कार्रवाई करता है या नगर परिषद इसी तरह आंखें मूंद कर जनता को प्यासा तड़पाती रहेगी
लेवेन्द्र सिह शेखावत पप्पू भैया रतलाम जिला ब्युरो चीफ SSE NEWS 9926340080