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मनासा। श्री आशुतोष यादव, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीष, मनासा, जिला-नीमच द्वारा स्टील के कड़े उसकी माँ के सिर व कनपटी पर मारकर उनकी हत्या करने वाली आरोपी कैलाश पिता रामचंद्र सेन, उम्र-31 वर्ष, निवासी-ग्राम चपलाना, तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 302 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 1000रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 05 वर्ष पूर्व दिनांक 23.02.2021 की रात्रि के लगभग 11 बजे ग्राम चपलाना की हैं। उदयपुर के एम.बी.जी.एच. अस्पताल से आरक्षक गौतमलाल के द्वारा मृतिका सोहनबाई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सफीना फॉर्म व लाश पंचायतनामा लाकर थाना मनासा में प्रस्तुत किया गया, जिस पर से मर्ग कायम कर जाँच की गई। जाँच में मृतिका के पति रामचंद्र, पुत्र शांतिलाल, दीपक, पुत्रवधु रीना, पुत्री मंजुबाई, अन्य स्वतत्रं साक्षी जगदीश, बंशीलाल, रंगुदास, सोहनलाल, मांगीबाई, दयालदास, कंवरलाल, घीसालाल, चेतनदास, के कथन लिये गये, जिसमें पाया गया कि मृतिका के 03 लड़के होकर लड़का आरोपी कैलाश बदमाश प्रवृत्ति का हैं। वह शराब पीकर परिवार वालो व गांव वालो से झगड़ा करता रहता है। आरोपी कैलाश द्वारा पत्नि के साथ मारपीट करने के कारण पत्नी भी 04 साल से अपने मायके में रह रही है। भाई शांतिलाल से भी आरोपी बार बार झगड़ा करता था, जिसके भय व आतंक से प्रताड़ित होकर गांव चपलाना से अपना घर छोड़कर 2021 में परिवार सहित ससुराल गांव केलुखेड़ा में चला गया। मृतिका का छोटा लड़का दीपक एवं पति रामचंद्र दोनो भी पहले से ही आरोपी के भय, डर व आतंक के कारण गांव चपलाना से ग्राम केलुखेडा में जाकर रहने लगे हैं तथा ग्राम चपलाना में केवल मृतिका सोहनबाई अपने पुत्र आरोपी कैलाश के साथ ही रहती थी। घटना दिनांक को आरोपी द्वारा उसकी माता के साथ स्टील के कड़े से मारपीट की थी, जिससे उसके सिर व कनपटी पर गंभीर चोटे आई थी। घटना की सूचना आरोपी द्वारा ही उसके पिता, भाई व बहन को दी गई। जिसके पष्चात् 100 नंबर गाड़ी बुलाकर मृतिका को सरकारी अस्पताल मनासा ले जाया गया तथा वहां से फिर उदयपुर रैफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मर्ग जाँच उपरांत अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा अपराध की विवचेना निरीक्षक के. एल. दांगी के द्वारा की गई। विवचेना में पाया गया कि आरोपी आए दिन चोरी करने, लोगो के साथ झगडा व मारपीट करने का आदी था, जिससे तंग आकर मृतिका के समस्त परिवारजन ग्राम चपलाना छोडकर अन्यत्र निवास करने चले गए थे। आरोपी आये दिन उसकी माता के साथ भी मारपीट करता था। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया एवं अन्य आवष्यक वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्य को एकत्र किया गया तथा जिस स्टील के कड़े से उसकी माता की हत्या की गई थी उसको भी जप्त किया जाकर आवष्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराये गये व विवेचक के माध्यम से सभी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य को प्रस्तुत कर परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर आरोपी विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे उसको कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा अपराध की गंभीरता को देखते हुवे आरोपी कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा की गई। |