हरवार। विधानसभा क्षेत्र नीमच की ग्राम पंचायत हरवार के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध प्राकृतिक तीर्थ स्थल जलेश्वर महादेव तक पहुंचने वाली सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों “न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी” वाली कहावत को चरितार्थ करता नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू किया गया सड़क निर्माण आज भी अधूरा पड़ा है और जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर “पल्ला झाड़ते” दिखाई दे रहे हैं।
हरवार से जलेश्वर महादेव मंदिर तक सड़क निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन अभी तक आधे रास्ते में ही दम तोड़ता नजर आ रहा है। हरवार से लगभग एक किलोमीटर तक तालाब किनारे सड़क का डामरीकरण किया गया है तथा पुलिया निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लेकिन तालाब के आगे सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
सूत्रों की मानें तो आगे का क्षेत्र वन विभाग की भूमि में आता है और वन विभाग तथा राजस्व विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण मामला “फाइलों में धूल फांक” रहा है। नतीजा यह है कि ठेकेदार भी असमंजस में है कि आखिर काम आगे बढ़ाए तो कैसे बढ़ाए।
उल्लेखनीय है कि जलेश्वर महादेव क्षेत्र का एक प्रसिद्ध प्राकृतिक धार्मिक स्थल है, जहां सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन अधूरी सड़क के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में यह मार्ग और भी बदहाल हो जाता है, जिससे स्थिति “आसमान से गिरे, खजूर में अटके” जैसी बन जाती है।
हैरानी की बात यह है कि सड़क निर्माण को लेकर न तो जनप्रतिनिधि गंभीर नजर आ रहे हैं और न ही जलेश्वर महादेव सेवा समिति कोई विशेष रुचि दिखा रही है। जबकि डेढ़ माह बाद मानसून शुरू होने वाला है और यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ तो फिर आगामी 4 से 6 महीनों तक सड़क निर्माण की उम्मीद करना “ऊंट के मुंह में जीरा” साबित होगा।
सावन-भादो के दौरान जलेश्वर महादेव में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के सामने यह बड़ी चुनौती बन सकती है। क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर नीमच से मांग की है कि वे तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करवाएं, ताकि आस्था की इस राह में विकास का पहिया फिर से दौड़ सके।
विनोद सांवला हरवार