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संजीत क्षेत्र के गांवों में मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त, ग्रामीण बोले – सर्विस के नाम पर सिर्फ धोखा... मंदसौर। देशभर में 5G क्रांति और डिजिटल इंडिया के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जिले के अंतिम छोर पर बसे संजीत क्षेत्र के ग्रामीण आज भी नेटवर्क संकट से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि यहां मोबाइल टावर केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं और कंपनियां पूरा रिचार्ज वसूलने के बावजूद ढंग की सेवा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क दिन-ब-दिन बदतर होता जा रहा है। फोन पर सामान्य बातचीत करना भी मुश्किल हो गया है। कई बार कॉल लगती ही नहीं, और यदि लग जाए तो आवाज टूटती रहती है या कॉल बीच में ही कट जाती है। इंटरनेट की स्थिति भी बेहद खराब है, जिससे ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग और जरूरी डिजिटल काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन परिस्थितियों में होती है। किसी मरीज के इलाज, एम्बुलेंस बुलाने या जरूरी सूचना देने के समय नेटवर्क गायब हो जाता है, जिससे लोगों की चिंता और मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि जब कंपनियां हर महीने पूरा शुल्क वसूल रही हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सेवा क्यों नहीं मिल रही? ग्रामीणों ने दूरसंचार विभाग और मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों से मांग की है कि संजीत और आसपास के गांवों में नए मोबाइल टावर लगाए जाएं तथा मौजूदा टावरों की क्षमता बढ़ाकर नेटवर्क व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए। |