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चीताखेड़ा। माली मोहल्ले स्थित आशुतोष भगवान शिव मंदिर प्रांगण में माली समाज द्वारा घीसालाल माली की मुख्य यजमानी में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा सरिता का प्रवाह कथा मर्मज्ञ पंडित कुलदीप शर्मा के मुखारविंद से किया जा रहा है। कथा में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता से पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। भक्तों ने विवाह उत्सव में किया नृत्य-गान श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस गुरुवार को कथा वाचक पंडित कुलदीप शर्मा ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान प्रेम के वशीभूत होते हैं और जो भी सच्चे मन से उनका स्मरण करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। कथा के दौरान प्रतीकात्मक श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने नृत्य-गान कर आनंद एवं उल्लास के साथ भाग लिया। पंडित शर्मा ने अपने आध्यात्मिक उद्बोधन में कहा कि अभिमानी और स्वार्थी व्यक्ति यदि झुकता है तो उसके पीछे किसी स्वार्थ की भावना अवश्य होती है। ऐसे लोग बिना स्वार्थ के कभी विनम्र नहीं होते। उन्होंने कहा कि बिना तिलक के मंदिर में भगवान के दर्शन करने या दान करने से बचना चाहिए। संसार का प्रेम क्षणिक है, जबकि परमात्मा का प्रेम शाश्वत, दिव्य और आध्यात्मिक होता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीनारायण ने प्रत्येक युग में अवतार लेकर माता लक्ष्मी के अवतार स्वरूप का ही वरण किया है। इसी प्रकार श्रीकृष्ण अवतार में भी उन्होंने लक्ष्मी स्वरूपा देवी रुक्मिणी से विवाह कर अपने दिव्य संकल्प को पूर्ण किया। भगवान ने शिशुपाल के अहंकार का अंत कर रुक्मिणी के साथ विवाह संपन्न किया। कथा के दौरान पंडित कुलदीप शर्मा ने अक्रूर, नंदराय, राधारानी, श्रीकृष्ण, कुब्जा, कालियावन, बलराम, जरासंध, शिशुपाल, कंस वध, मुचुकुंद तथा उद्धव ज्ञान सहित अनेक धार्मिक प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया। इन्होंने निभाया शानदार किरदार कथा पंडाल में श्रीकृष्ण और रुक्मिणी की जीवंत झांकी आकर्षण का केंद्र रही। भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका सुरेश माली ने तथा रुक्मिणी का पात्र रेखा माली ने निभाया। दोनों कलाकारों ने विवाह उत्सव की झांकी का सजीव एवं मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया। इस दौरान व्यासपीठ पर श्रीकृष्ण और रुक्मिणी ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर विवाह की रस्म निभाई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। 19 जून को होगी कथा की पूर्णाहुति श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा साप्ताहिक महोत्सव के अंतिम दिवस शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुदामा चरित्र, उद्धव ज्ञान एवं राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग पर कथा प्रवचन पंडित कुलदीप शर्मा द्वारा किया जाएगा। इसके पश्चात हवन-पूजन, महाआरती एवं भंडारे के आयोजन के साथ कथा महोत्सव की पूर्णाहुति संपन्न होगी। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |