रतलाम। अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा पीठ बड़ा रामद्वारा जोधपुर के महंत एवं प्रखर ओजस्वी वक्ता राष्ट्र संत श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज को उनके आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा सम्मानित किया गया है। संन्यास जीवन के स्वर्ण जयंती वर्ष में प्राप्त इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से श्रद्धालुओं और अनुयायियों में हर्ष का वातावरण है।
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने बताया कि मध्यप्रदेश के खाचरोद गुरुकुल में आयोजित संत श्री के प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन नानी बाई का मायरा कार्यक्रम के दौरान लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जूरी सदस्य शैलेंद्र सिंह सिसोदिया एवं धरम यादव ने राष्ट्र संत श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर संत श्री तोताराम जी महाराज, संत श्री रामानुजन जी महाराज, वरिष्ठ पत्रकार जलज शर्मा, पूर्व पार्षद वंदना अनिल पुरोहित सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि पूज्य महाराज श्री वर्ष 2026 में अपने संन्यास जीवन के 50 वर्ष पूर्ण कर संन्यास स्वर्ण दीक्षा वर्ष मना रहे हैं। बीते पांच दशकों में उन्होंने देश-विदेश में हजारों श्रीमद्भागवत कथा, श्रीराम कथा, शिव महापुराण, नानी बाई का मायरा तथा हनुमान चरित्र के माध्यम से वैदिक सनातन संस्कृति, राम-नाम और मानवीय मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया है। उनके प्रवचनों से हजारों श्रद्धालु धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जुड़कर आध्यात्मिक मार्ग की ओर अग्रसर हुए हैं।
राष्ट्र संत श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज की सेवाएं केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने देश की करीब 23 केंद्रीय एवं अन्य जेलों में भागवत कथा और आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया। समाज सुधार और मानव उत्थान के क्षेत्र में उनके योगदान को देश-विदेश में सराहा गया है।
वर्ष 2012 में भारत-नेपाल मैत्री सद्भाव सम्मान के लिए विश्व के 43 व्यक्तित्वों का चयन किया गया था, जिनमें भारत से आमंत्रित पांच विशिष्ट हस्तियों में राष्ट्र संत श्री हरिराम जी शास्त्री महाराज का नाम भी शामिल था। उन्हें विश्व शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाना था। यह सम्मान अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के हाथों प्रदान किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन चातुर्मास प्रवास के कारण वे समारोह में शामिल नहीं हो सके। बाद में जूरी सदस्यों ने जोधपुर रामद्वारा पहुंचकर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्री हरि मानव परमार्थ सेवा संस्थान के संरक्षक अनिल झालानी, शांता बाई साखला, डॉ. पंजाबी, प्रकाश परमार, अशोक देवड़ा, कान्हा पटेल, अनिल पुरोहित, संजय सोनी, महेश शर्मा, राघव पंड्या, तारा सांखला, तुलसी पटेल, सीमा सांखला, रानी परमार, अर्चना यादव, आयुषी जलज सांखला, प्रेमलता देवड़ा, धीरज पांड्या सहित अनेक श्रद्धालुओं और समाजजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के लिए गौरव का क्षण बताया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत