रतलाम। जिला रोगी कल्याण समिति के सदस्य गोविंद काकानी ने मंगलवार को मातृत्व एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्हें अस्पताल परिसर में एक गंभीर लापरवाही देखने को मिली।
हाल ही में अस्पताल में आग लगने की घटना के बावजूद उसी क्षेत्र के आसपास बड़ी मात्रा में ज्वलनशील कचरा एवं अन्य सामग्री पड़ी हुई थी, जिससे भविष्य में फिर किसी दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री काकानी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह को मौके पर बुलाया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके निर्देश पर अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कर्मचारियों को लगाकर परिसर में पड़े ज्वलनशील कचरे एवं अन्य अनुपयोगी सामग्री को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
श्री काकानी ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु एवं उनके परिजन उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में अग्नि सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी सभी व्यवस्थाओं का प्रभावी ढंग से पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.सी. डामोर तथा सफाई व्यवस्था प्रभारी कैलाश की मौजूदगी में कर्मचारियों को लगाकर कचरा हटाने का कार्य प्रारंभ कराया गया। साथ ही अस्पताल परिसर में मौजूद खुले चैंबरों की सफाई करवाने और उन पर ढक्कन लगाने के भी निर्देश दिए गए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या संक्रमण का खतरा न रहे।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन को नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने अग्निशमन उपकरणों की समय-समय पर जांच करने तथा परिसर में ज्वलनशील वस्तुओं का संग्रह नहीं होने देने के निर्देश दिए गए। श्री काकानी ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अस्पताल परिसर को पूरी तरह सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल परिसर में सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने भी राहत महसूस की।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत