रतलाम/धार। किसानों को सुरक्षित खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने के उद्देश्य से CITI-CDRA एवं अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के संयुक्त तत्वावधान में रतलाम एवं धार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दो दिवसीय जन-जागरूकता रथ (मोबाइल वैन) अभियान प्रभावी ढंग से आयोजित किया गया। यह रथ रतलाम जिले के सैलाना, रावटी, सरवन, शिवगढ़, राजापुरा, बाजना तथा धार जिले के बदनावर क्षेत्र के आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचा, जहां हजारों किसानों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने अभियान में भाग लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
ऑडियो-वीडियो सिस्टम, आकर्षक पोस्टर, बैनर और जागरूकता सामग्री से सुसज्जित मोबाइल वैन के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, सुरक्षित कार्यस्थल, श्रमिक अधिकार, बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों की शिक्षा का संदेश दिया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को हाइब्रिड, बीटी एवं प्रमाणित बीजों के उपयोग, हर तीन वर्ष में मिट्टी परीक्षण, जैविक एवं देशी खाद के अधिक इस्तेमाल, जिंक सल्फेट एवं मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग तथा कपास की 90×60 सेंटीमीटर दूरी पर बुवाई करने की सलाह दी।
किसानों को कपास के साथ तुअर, उड़द, मूंग, सोयाबीन और मक्का जैसी मिश्रित फसलों की खेती अपनाने के फायदे भी बताए गए, जिससे अतिरिक्त आय के साथ प्राकृतिक जोखिम कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है। अभियान के दौरान तेज धूप में काम करते समय पर्याप्त पानी और ओआरएस का सेवन, टोपी, धूप का चश्मा एवं पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा कीटनाशकों के छिड़काव के समय मास्क, दस्ताने, जूते सहित सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
अभियान में बाल श्रम उन्मूलन को भी प्रमुखता दी गई। ग्रामीणों से अपील की गई कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय भेजें और बाल मजदूरी जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सहयोग करें। साथ ही महिलाओं और पुरुषों के लिए समान अधिकार, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल के महत्व पर भी जानकारी दी गई।
इस सफल अभियान का संचालन CITI-CDRA की टीम ने किया। इसमें प्रोजेक्ट ऑफिसर राकेश पाटीदार, स्काउट बालाराम चरपोटा, बेनर सिंह मचार, रमेश निनामा, गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज ओसारी एवं कन्हैयालाल भाभर ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संवाद स्थापित किया और उन्हें आधुनिक खेती, स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता एवं श्रमिक अधिकारों से जुड़ी उपयोगी जानकारी प्रदान की।
ग्रामीणों ने अभियान का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से CITI-CDRA एवं ILO द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों का सकारात्मक असर अब गांवों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। किसान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रहे हैं और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। किसानों ने भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत