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सफलता की कहानी प्री-मानसून की चुनौती को अम्बिया बहार से हराया....कुंडला खुर्द के किसानों का 70 बीघा में 3 साल से सफल प्रयोग, जिले के रोल मॉडल बने किसान अंबिया बहार तकनीक से फसलों को हुए लाभ का लिया जायजा, किसानों से भी की चर्चा आगर-मालवा : जलवायु परिवर्तन और समय पूर्व वर्षा इस साल जिले के संतरा किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनकर आई। प्री-मानसून वर्षा से मृग बहार के फूल झड़ गए और फल सेटिंग में कमी आ गई। लेकिन विकासखंड आगर के ग्राम कुंडला खुर्द के प्रगतिशील किसानों ने हार नहीं मानी। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में पारंपरिक मृग बहार की जगह अम्बिया बहार तकनीक अपनाई। इस नई तकनीक के परिणाम चौंकाने वाले रहे। कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव ने मंगलवार को ग्राम कुंडला खुर्द पहुंचकर किसानों से चर्चा की, चर्चा मे किसानो ने बताया की गांव के किसान पिछले 3 वर्षों से लगभग 70 बीघा क्षेत्र में संतरा की अम्बिया बहार ले रहे हैं। कलेक्टर को किसानो ने कहा कि अम्बिया बहार अपनाने से प्री-मानसून वर्षा का कोई असर नहीं हुआ, उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़े, किसानों को पहले से ज्यादा और बेहतर क्वालिटी का उत्पादन मिलेगा। रोल मॉडल बने कुंडला खुर्द के किसान पूरे जिले के संतरा उत्पादकों के लिए प्रेरणा बन गए उद्यानिकी विभाग अब इस सफल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए अन्य किसानों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रहा है। किसानो ने कहा "अम्बिया बहार से हमारी फसल सुरक्षित है। मौसम की मार से बच गए और आमदनी भी बढ़ गई।" कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव ने मंगलवार को ग्राम कुंडला खुर्द पहुंचकर किसानों के खेतों में जाकर किसानों द्वारा अपनाई गई, अंबिया बहार तकनीक का अवलोकन किया, कलेक्टर ने किसानों के खेतों में अंबिया बहार को देखा और किसानों से चर्चा कर इस तकनीक से हुए लाभ की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपसंचालक उद्यानिकी को निर्देश दिए कि वह अन्य किसानों को भी इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित करें और इसके लिए कुंडला खुर्द मे एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को इस तकनीक के बारे में जागरूक करें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री बीएस सोलंकी, सहायक संचालक जनसंपर्क श्री जगदीश चन्द्रओ मालवीय, उद्यानिकी विभाग के श्री अर्जुन सिंह राजपूत एवं अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण जन तथा किसान उपस्थित थे। |