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सिंगोली। क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लिनिक में नौसिखिया झोलाछाप डॉक्टर आम जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से बीती 8 जुलाई को एक मासूम ने अपनी जान गंवा दी हैं। जानकारी देते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि अंसार पिता शाहिद मेव निवासी माता खेड़ा ग्राम पंचायत फ़ुसरिया 8 जुलाई को सिंगोली स्थित श्री धाकड़ क्लिनिक पर अपनी मां का इलाज करवाने के लिये आया था। इस दौरान उसे भी हाथ पैर दर्द और बुखार महसूस हुआ तो उसने क्लिनिक संचालक से गोली देने को कहा। झोलाछाप डॉक्टर विनोद धाकड़ ने अपने लालच के चलते उसे गोली देने के बजाय बॉटल लगा दी। ड्रिप लगाने के थोड़ी देर बाद ही 14 वर्षीय अंसार की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो विनोद धाकड़ ने परिजनों को उसे आगे ले जाने को कहा। परिजन उसे भीलवाड़ा राजस्थान के एक हॉस्पिटल में ले गये और वहां डॉक्टर को पूरी घटना से अवगत करवाया। भीलवाड़ा डॉक्टर ने अंसार को दी गई दवा की जानकारी लेने के लिये विनोद धाकड़ को फोन लगाया तो उसने फोन रिसीव ही नहीं किया। परिजनों ने जैसे तैसे संपर्क कर दी गई दवा की जानकारी ली लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंसार जीवन की जंग हार गया और झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। हालांकि परिजनों ने पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई और ना ही अंसार का पोस्टमार्टम करवाया। 11 जुलाई को परिजनों द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दिए गए आवेदन में बताया कि 08 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे सिंगोली तहसील के ग्राम माता का खेड़ा निवासी अंसार पिता शाहिद उम्र 14 वर्ष अपनी मां को बुखार आने पर उसके साथ सिंगोली स्थित श्री धाकड़ क्लिनिक आया था। क्लिनिक का संचालन विनोद धाकड़ निवासी ग्राम सोडीजर द्वारा किया जा रहा था। मां के इलाज के दौरान ही उसे भी हाथ पैर में दर्द और बुखार महसूस हुई तो उसने डॉक्टर से गोली देने को कहा। क्लिनिक संचालक ने बच्चे को गोली देने के बजाय बिना किसी जांच के सीधे एक ड्रिप चढ़ाकर बेड पर लिटा दिया। ड्रिप लगने के 5 से 10 मिनट बाद ही बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद संचालक बच्चे को आगे ले जाओ व रेफर करने की बात कहकर उपचार के दौरान दिए गए ट्रीटमेंट की जानकारी दिए बिना ही क्लिनिक से निकल गया। घटना के तीन दिन बाद 11 जुलाई को परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग में आवेदन देकर बताया कि डॉ. विनोद धाकड़ द्वारा गलत बोतल और गलत इंजेक्शन लगाने से ही उनके बच्चे की मौत हुई है। क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार स्वास्थ विभाग की मिलीभगत या अनदेखी सिंगोली सहित क्षेत्र में अनेक झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गरीब मजदूर वर्ग के लोगों को वर्षों से ड्रिप और इंजेक्शन का खेल कर लूटने का कार्य बदस्तूर जारी है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों द्वारा इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से आम जनता इनका शिकार हो रही है। स्वास्थ विभाग द्वारा लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह सब स्वास्थ विभाग की मिलीभगत से संचालित हो रहे हैं या फिर विभाग अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ कर कुंभकर्णी नींद में सोया हैं। दसवीं फेल डॉक्टर कर रहा लोगो की जान से खिलवाड़ अंसार की मौत के बात झोलाछाप डॉक्टर विनोद धाकड़ की पोल खुली तो यह सामने आया कि विनोद धाकड़ दसवीं में तीन बार फैल हैं और उसके बाद तो शिक्षा विभाग भी क्लास से बाहर निकल देता हैं। पढ़ाई छोड़ विनोद ने राजस्थान में किसी डॉक्टर के यहां कुछ समय रहकर इंजेक्शन लगाना ओर गोली दवाई के बारे में आधी अधूरी जानकारी ली ओर सिंगोली के मुख्य चौराहे पर क्लिनिक खोलकर लोगों की जान से खिलवाड़ करने लग गया। मृतक के परिजनों ने आवेदन देकर विनोद धाकड़ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की हैं। हमने श्री धाकड़ क्लिनिक को सील करके सिंगोली तहसीलदार ओर पुलिस को शिकायत करने के लिये आवेदन दिया हैं। विभाग द्वारा आगे भी सभी निजी क्लिनिको की जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। डॉक्टर मोहन मुजाल्दे बीएमओ जावद डीकेन। स्वास्थ विभाग द्वारा श्री धाकड़ क्लिनिक सील करने के बाद संचालक विनोद धाकड़ के खिलाफ कार्यवाही हेतु आवेदन दिया हैं, मृतक के परिजनों से पूछताछ के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। जितेंद्र वर्मा थाना प्रभारी सिंगोली रिपोर्ट : दिनेश जी जोशी |