रतलाम / सरवन। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत रतलाम जिले के शासकीय उत्कृष्ट बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरवन में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ सुरक्षित एवं नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसमें प्रधान आरक्षक विजय शेखावत एवं प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान ने विद्यार्थियों को अभियान के उद्देश्य से अवगत कराते हुए नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसके साथ ही परिवार समाज और राष्ट्र के विकास पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा सामाजिक जिम्मेदारी एवं अनुशासित जीवन के महत्व की भी जानकारी दी गई। उन्हें शिक्षा खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया ताकि वे अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती फूलकुँवर सोलंकी सहित शैलेन्द्र चन्द्रावत गोपाल धाकड़ महेश चंद्र वशिष्ठ एवं श्रीमती नूपुर मालवीय सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पौधों की देखभाल का संकल्प लिया और स्वच्छ हरित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प दोहराया।
यह जागरूकता अभियान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक साबित हुआ तथा सभी ने मध्यप्रदेश पुलिस की इस पहल की सराहना की।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत