रतलाम /सैलाना
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रतलाम जिले की सैलाना तहसील के समस्त पटवारियों ने सोमवार से अपनी 5 सूत्रीय मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी।
हड़ताल के पहले दिन सभी पटवारी तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार मनीष जैन को ज्ञापन सौंपकर अपने-अपने राजस्व अभिलेख एवं शासकीय रिकॉर्ड तहसील कार्यालय में जमा कर दिए। इसके साथ ही नियमित राजस्व कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का आगाज किया गया।
पटवारी संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के आह्वान पर लंबे समय से लंबित 5 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग की जा रही है। इस संबंध में 20 जुलाई 2026 को भी सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होने के कारण चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए 3 अगस्त से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल प्रारंभ की गई है।
संघ का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक कोई भी पटवारी राजस्व संबंधी शासकीय कार्य नहीं करेगा। इससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल गिरदावरी, नक्शा सुधार, भू-अभिलेख संधारण सहित अनेक राजस्व सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आंदोलन के दौरान प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल, रतलाम जिला अध्यक्ष गोपाल रावत एवं तहसील अध्यक्ष भूपेन्द्र चावड़ा के नेतृत्व में पटवारी एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने में जुटे हैं।
हड़ताल के दौरान तहसील अध्यक्ष भूपेन्द्र चावड़ा, सचिव संगीता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय शिकारी, राजेश माना, मोहन पाटीदार, आशीष तिवारी, सुरेश उपाध्याय, सय्यद हुसैन, कमलेश तिवारी, सोहेल खान, शिवम तिवारी, कैलाश निनामा सहित सैलाना तहसील के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि सरकार द्वारा मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल सैलाना तहसील में राजस्व कार्य पूरी तरह प्रभावित होने की स्थिति बन गई है और अब सभी की निगाहें सरकार एवं पटवारी संघ के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हुई हैं।