रतलाम। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को रतलाम में कर्मचारियों का आक्रोश और एकजुटता उस समय देखने को मिली, जब जिलेभर के विभिन्न विभागों एवं कर्मचारी संगठनों से जुड़े 300 से अधिक कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। भोजन अवकाश के दौरान कलेक्टर कार्यालय गेट से कर्मचारियों ने जिलाध्यक्ष बृजलाल बोरिया के नेतृत्व में रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा कलेक्टर कार्यालय परिसर गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
कर्मचारियों ने चाहे जो मजबूरी हो, मांग हमारी पूरी हो दमन के आगे नहीं झुकेंगे दमन किया तो और लड़ेंगे दफ्तर बंद कौन करेगा—हम करेंगे इंकलाब जिंदाबाद कर्मचारी एकता जिंदाबाद तथा अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है जैसे नारों के माध्यम से शासन तक अपनी मांगों की आवाज पहुंचाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में खासा उत्साह और आक्रोश नजर आया।
प्रदर्शन के पश्चात तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन के नाम रतलाम तहसीलदार रामचंद्र पांडे को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन जिलाध्यक्ष बृजलाल बोरिया के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया। कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर राहत प्रदान करने की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान करने, नवनियुक्त कर्मचारियों पर नियुक्ति के पहले तीन वर्षों तक 70, 80 एवं 90 प्रतिशत वेतन के बंधन को समाप्त करने, अनुकंपा नियुक्ति एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने, कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना के आदेश शीघ्र जारी करने, ई-अटेंडेंस प्रणाली समाप्त करने तथा अनुसूचित जनजाति विभाग के कर्मचारियों को चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ देने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
इसके बाद आयोजित नुक्कड़ सभा में कर्मचारी नेताओं ने अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर विचार व्यक्त किए। सभा का संचालन एवं ज्ञापन का वाचन वरिष्ठ कर्मचारी नेता दिनेश बारोठ ने किया, जबकि अंत में डा. तेजपालसिंह राणावत ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त जिला अध्यक्ष दिनेश बारोठ एवं नवनियुक्त जिला अध्यक्ष बृजलाल बोरिया का कर्मचारियों ने पुष्पमालाओं से स्वागत किया।
प्रदर्शन में दिनेश बारोठ, डा. तेजपालसिंह राणावत, महेंद्र कुमार मालवीया, गगन बोरिया, नटवरलाल माईड़ा, भंवरलाल देवड़ा, कन्हैयालाल किहोरी, नानूराम देवड़ा, मांगीलाल नगावत, चरण सिंह यादव, जयराज सिंह देवड़ा, कमल सिंह सोलंकी, कालू सिंह भाबर, सुशील नागर, सुरेश माथुर, कोमल बोरीवली, रामलाल भाबर, बसंतीलाल माईड़ा, गौतम सिंह रावत, रमेश माईड़ा, नगुलाल निनामा, भेरूलाल गुजराती, भेरूसिंह मुनिया, मुन्नालाल पांचाल, जगदीश सूर्यवंशी, कमल सिंह दांगी, अशोक जोकचंद सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और यदि शासन स्तर पर शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत