रतलाम / सैलाना। नगर में श्री रामद्वारा मंदिर की भूमि और वहां निर्मित दुकानों को लेकर अब मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। नगर परिषद के साधारण सम्मेलन में जहां रामद्वारा मंदिर की भूमि पर निर्मित दुकानों के संबंध में नियमानुसार ध्वस्तिकरण कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का बड़ा निर्णय लिया गया, वहीं मामले में दर्ज एफआईआर और नगर परिषद द्वारा जारी नोटिस ने पूरे प्रकरण को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
जानकारी के अनुसार सैलाना थाना में FIR क्रमांक 0199/2026 दर्ज है। इसमें रामविलास शास्त्री के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 298, 299, 302, 324(2) एवं 329(4) के तहत मामला दर्ज किया गया था ।
प्रकरण में आरोप है कि 30 मई 2026 को स्वर्गीय 1008 निर्मल राम शास्त्री की समाधि को तोड़ा गया, संबंधित भूमि का एक हिस्सा बेचा गया, जबकि शेष भूमि पर स्कूल संचालित किया जा रहा है। साथ ही दुकानों से प्राप्त किराया निजी उपयोग में लिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
महाराज को थमाया गया था 7 दिन का नोटिस
मामले में अब नगर परिषद सैलाना ने भी सख्त कदम उठाया है। परिषद द्वारा रामविलास महाराज को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर दुकानों के निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे । नोटिस में निर्माण की अनुमति तथा दुकानों को किराए पर दिए जाने से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
नगर परिषद के अनुसार मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की जा रही है ।
साधारण सम्मेलन में लिया गया बड़ा निर्णय
शुक्रवार को मोती बंगला स्थित मांगलिक भवन में नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित साधारण सम्मेलन में इस मामले पर भी चर्चा हुई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नीतू सिंह के संचालन में हुई बैठक में परिषद ने निर्देश दिए कि राजस्व विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर रामद्वारा मंदिर की भूमि और वहां निर्मित दुकानों से संबंधित संपूर्ण जानकारी एवं अभिलेख प्राप्त किए जाएं तथा नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नगर परिषद के इस निर्णय को सैलाना में अवैध निर्माण के खिलाफ परिषद के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर भी कार्रवाई का निर्णय लिया गया। ऐसे संपत्तिधारकों को सूचना पत्र जारी करने और नियमानुसार कार्रवाई के साथ संबंधित कर वसूली की प्रक्रिया अपनाने पर भी सहमति बनी।
12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
सम्मेलन में रामद्वारा मंदिर भूमि के अलावा नगर विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। वार्ड क्रमांक 10 में कालिका माता मंदिर मार्ग स्थित फिल्टर प्लांट के पास नवीन मांगलिक भवन तथा गीता भवन की भूमि के चारों ओर बाउंड्रीवॉल निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
वार्ड क्रमांक 11 में महात्मा गांधी मार्ग स्थित पुराने नगर परिषद कार्यालय भवन को तोड़कर नवीन कार्यालय भवन बनाने तथा सामने नवीन दुकानों के निर्माण को मंजूरी मिली। डॉ. अंबेडकर मार्ग की क्षतिग्रस्त दुकानों को हटाकर नवीन दुकानों के निर्माण के लिए प्राप्त 11.89 प्रतिशत कम दर को स्वीकृति देते हुए वित्तीय स्वीकृति दी गई।
बस स्टैंड क्षेत्र में दिनेश पारगी के मकान से पुरानी जीर्ण-शीर्ण दुकानों को हटाए जाने से रिक्त हुई भूमि से निर्माणाधीन सुलभ कॉम्प्लेक्स तक सीसी रोड निर्माण को भी प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
वार्ड क्रमांक 09 कमला नेहरू मार्ग स्थित पशु चिकित्सालय के पास पार्क निर्माण की अधिक दर वाली निविदा को स्वीकृति नहीं दी गई और पुनः निविदा बुलाने का निर्णय हुआ। बस स्टैंड की दुकान क्रमांक एफ-7 की निविदा निरस्त कर पुनः नियमानुसार नीलामी कराने का फैसला लिया गया।
नामांतरण प्रभारी द्वारा प्रस्तुत 52 प्रकरणों में से 51 स्वीकृत किए गए, जबकि एक प्रकरण आपत्ति के निराकरण तक रोक दिया गया।
नगर विकास के साथ अवैध निर्माण पर भी सख्ती
नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला ने कहा कि नगर परिषद विकास कार्यों के साथ व्यवस्थित नगरीय विकास और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सम्मेलन में उपाध्यक्ष सुनीता पाठक, पार्षद मीरा पाटीदार, सलोनी माण्डोत, कुलदीप कुमावत, जगदीश पाटीदार, मुकेश पाटीदार, राधा बाई पाटीदार, चंदा पारगी, पुष्पा राठौर, कृष्णा चंदेल, विशाल धबाई, हेमलता धबाई, मंगलेश कसेरा तथा एल्डरमेन सपना खराड़ी, रवि कुमार शर्मा, नाथूलाल राठौड़, वरदीचन्द पाटीदार सहित निकाय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।
अब नजर नगर परिषद की अगली कार्रवाई पर है। यह रामद्वारा मंदिर भूमि से जुड़े इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण होगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत