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मामला कलेक्टर के संज्ञान पर सिंगोली। नीमच-सिंगोली मुख्य मार्ग पर करोड़ों की शासकीय जमीन को भूमाफिया खुलेआम लूट रहे हैं, और जिम्मेदार नगर परिषद व राजस्व विभाग ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। टोल नाके से लेकर ब्राह्मणी नदी पुल तक सड़क के दोनों ओर निजी खाते की आड़ में कई फीट तक सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण कर दुकानें और मकान खड़े कर दिए गए हैं। *गाइडलाइन की धज्जियां, हादसे को न्योता* निर्माण में सड़क की गाइडलाइन को पूरी तरह अनदेखा किया गया है। सड़क पर ही ईंट, सरिया और रेत के ढेर लगाकर यातायात बाधित किया जा रहा है। (फोटो नंबर 2 इसका सबूत है) कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन परिषद को सिर्फ कागजों में मास्टर प्लान की चिंता है, जमीन पर नहीं। *5 आवेदन, 0 अनुमति, फिर भी धड़ल्ले से निर्माण - मिलीभगत उजागर* सबसे बड़ा सवाल - जब सीएमओ ऋषिकांत यादव खुद कह रहे हैं कि 5 लोगों ने आवेदन दिया और *किसी को भी अनुमति नहीं दी गई*, तो फिर ये 2-2 मंजिला पक्के निर्माण कैसे खड़े हो गए? बिना नगर परिषद की मिलीभगत के ये संभव ही नहीं है। मौखिक शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न करना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। सिंगोली नीमच रोड पर लगभग 25 से 30 फीट चौड़ाई नीमच पुलिया के पास शासकीय नंबर पर मकान दुकान बनाकर कब्जा किया जा रहा है? *प्रभावशालियों के आगे नतमस्तक प्रशासन* सूत्रों के मुताबिक इन अवैध निर्माणों के पीछे कुछ प्रभावशाली चेहरे और राजनेता हैं, इसलिए अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। जागरूक नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बुलडोजर नहीं चला तो वे कलेक्टर नीमच और संभागायुक्त को शिकायत करेंगे। *अब क्या होगा?* सीएमओ का कहना है कि धारा 187 के तहत कार्रवाई होगी, लेकिन जनता को अब सिर्फ बयान नहीं, सड़क पर बुलडोजर चाहिए। रिपोर्ट : दिनेश जी जोशी |