रतलाम। छुट्टी पर अपने घर आए भारतीय सेना के जवान के साथ मारपीट के मामले ने रतलाम में तूल पकड़ लिया है। 7 सितंबर की रात भारतीय सेना में जम्मू में पदस्थ जवान दिलीप हाड़ा के साथ ईश्वर नगर की गली नंबर-4 में मारपीट किए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले में अब पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनका सार्वजनिक जुलूस निकाला। दोनों आरोपियों को कान पकड़वाकर चलाया गया और सड़क पर उठक-बैठक भी लगवाई गई।
जानकारी के अनुसार दिलीप हाड़ा 12 अगस्त से करीब एक माह की छुट्टी पर रतलाम आए हुए थे। 7 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे वे बाजार से धीरजशाह नगर स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान ईश्वर नगर क्षेत्र में रोहित भूरिया और उसके साथियों ने उन्हें रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उनके साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। हमले में जवान की आंख, कान और होंठ पर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और एक पड़ोसी ने बीच-बचाव कर जवान को बचाया।
मामले में पुलिस ने रोहित पिता राजू भूरिया, आमान खान पिता अकबर खान, गनी पिता जाकिर खान और प्रिंस पिता विजय सिसोदिया को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। बाद में आरोपियों को जमानत मिलने के बाद मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गईं।
इसी बीच कुछ लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से आरोप लगाया गया कि मामले में आरोपियों को राजनीतिक स्तर पर संरक्षण प्राप्त है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतों और बढ़ते जनआक्रोश के बीच पुलिस ने मामले में फिर सख्ती दिखाई और रोहित भूरिया तथा उसके भाई राहुल भूरिया को गिरफ्तार किया।
शनिवार को नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया और दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ दोनों आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकाला गया। जुलूस ईश्वर नगर स्थित उनके क्षेत्र से शुरू होकर धीरजशाह नगर और टाटा नगर होते हुए बाजना बस स्टैंड तक पहुंचा।
इस दौरान दोनों आरोपियों को कान पकड़कर चलाया गया और सड़क पर उठक-बैठक लगवाई गई। आरोपी लोगों के सामने “अपराध न करना पाप है” कहते हुए माफी मांगते नजर आए। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
सेना का जवान देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात रहता है और जब वही जवान अपने शहर में छुट्टी के दौरान मारपीट का शिकार हो तो मामला स्वाभाविक रूप से गंभीर हो जाता है। पुलिस की इस कार्रवाई ने अपराधियों को सख्त संदेश देने के साथ ही शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत